भागलपुर | 03 मार्च, 2026
खबर के मुख्य बिंदु (Highlights):
- वारदात: रंगरा के मुरली गांव में जमीन विवाद को लेकर खूनी झड़प।
- पीड़ित: मृत्युंजय कुमार को 10 लोगों ने घेरकर लाठी-डंडों से किया अधमरा।
- इतिहास: 2024 से कोर्ट में लंबित है दीवानी मुकदमा, फिर भी जबरन निर्माण की कोशिश।
- इलाज: रंगरा CHC से मायागंज (भागलपुर) रेफर, पीड़ित की स्थिति गंभीर।
- आरोपी: शशिधर सिंह समेत एक ही परिवार के 9-10 लोगों पर FIR की तैयारी।
भागलपुर: बिहार में जमीन की जंग थमने का नाम नहीं ले रही है। ताजा मामला भागलपुर जिले के रंगरा थाना क्षेत्र से सामने आया है, जहाँ कानून और न्यायालय को ताक पर रखकर एक परिवार ने दूसरे पर जानलेवा हमला कर दिया। 2024 से जिस जमीन की लड़ाई अदालत की फाइलों में कैद है, उसे ‘लाठी के जोर’ पर कब्जाने की कोशिश में एक व्यक्ति को लहूलुहान कर अस्पताल पहुँचा दिया गया है।
8:00 AM की ‘सर्जिकल स्ट्राइक’: विरोध करने पर बरसाईं लाठियां
घटना 1 मार्च की सुबह की है। पीड़ित मृत्युंजय कुमार ने बताया कि सुबह करीब 8 बजे गांव के ही 8-10 लोग उनकी विवादित जमीन पर पहुँचे और जबरन घर बनाना शुरू कर दिया।
”जैसे ही मैंने निर्माण कार्य का विरोध किया और उन्हें कोर्ट के केस का हवाला दिया, शशिधर सिंह और उनके परिवार के लोगों ने मुझ पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। वे सुनने को तैयार नहीं थे और मुझे जान से मारने की नीयत से पीट रहे थे।” — मृत्युंजय कुमार (पीड़ित)
कोर्ट का आदेश ठेंगे पर: 2024 से चल रहा है केस
इस विवाद की सबसे बड़ी कड़ी यह है कि मामला पहले से ही न्यायिक प्रक्रिया के अधीन है।
- सिविल सूट: पीड़ित के अनुसार, वर्ष 2024 से इस जमीन को लेकर दीवानी अदालत में मुकदमा लंबित है।
- विवाद की वजह: कानूनी प्रक्रिया जारी रहने के बावजूद, आरोपी पक्ष ने शक्ति प्रदर्शन कर निर्माण कार्य करने की कोशिश की, जिसका अंजाम इस हिंसा के रूप में सामने आया।
रंगरा से मायागंज तक: गंभीर हालत में भर्ती
हमले के बाद पीड़ित मृत्युंजय कुमार किसी तरह जान बचाकर रंगरा थाना पहुँचे।
- प्राथमिक उपचार: पुलिस ने उन्हें तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) रंगरा भेजा।
- रेफर: चोटें गंभीर होने और स्थिति बिगड़ने के कारण डॉक्टरों ने उन्हें 2 मार्च को भागलपुर के मायागंज अस्पताल रेफर कर दिया, जहाँ उनका इलाज फिलहाल जारी है।
आरोपियों की लिस्ट: एक ही परिवार के 9 लोग नामजद
पीड़ित ने रंगरा पुलिस को दी गई शिकायत में मुरली गांव के ही एक ही परिवार के सदस्यों को आरोपी बनाया है:
- नाम: शशिधर सिंह, बजरंगी सिंह, सुबोध सिंह, अशोक सिंह, निर्मला देवी, राखी देवी, सविता देवी, तुलसी कुमार और कपिल देव सिंह।
VOB का नजरिया: जमीन के नाम पर ‘जंगलराज’ क्यों?
बिहार में 60% से अधिक आपराधिक वारदातों की जड़ ‘जमीन विवाद’ ही है। रंगरा की यह घटना दिखाती है कि दबंगों को न तो पुलिस का डर है और न ही न्यायालय के आदेशों का सम्मान। जब मामला कोर्ट में है, तो पुलिस को निर्माण कार्य रुकवाने में मुस्तैदी दिखानी चाहिए थी। अब देखना यह है कि रंगरा पुलिस इन 10 नामजद आरोपियों को कब तक सलाखों के पीछे भेजती है।


