सहरसा में कलयुगी बेटों का खूनी खेल: जेल में बंद बेटे ने दी पिता की 4 लाख की सुपारी; शूटर और बड़ा भाई गिरफ्तार, हथियार बरामद

सहरसा (सोनवर्षा राज) |सोनवर्षा राज थाना क्षेत्र में हुए चर्चित उमेश मिस्त्री हत्याकांड से पर्दा उठ गया है। पुलिस ने शनिवार (7 फरवरी 2026) को इस मामले का सफल उद्भेदन करते हुए शूटर और मृतक के बड़े बेटे को गिरफ्तार कर लिया है। जांच में जो सच सामने आया, उसने पुलिस को भी चौंका दिया—पिता का कातिल कोई और नहीं, बल्कि उसका अपना खून ही निकला।

जेल से रची गई साजिश, 4 लाख में हुआ सौदा

​सिमरी बख्तियारपुर SDPO मुकेश कुमार ठाकुर के नेतृत्व में बनी विशेष टीम ने जब जांच शुरू की, तो कड़ियां जुड़ती चली गईं।

  • मास्टरमाइंड: मृतक का छोटा बेटा मनीष मिस्त्री (जो पहले से जेल में बंद है) ने पिता की हत्या की पूरी स्क्रिप्ट लिखी।
  • सुपारी: उसने पिता को रास्ते से हटाने के लिए कुख्यात अपराधी मनीष यादव (शूटर) को 4 लाख रुपये की सुपारी दी।
  • साझीदार: घर के बाहर का काम मृतक के बड़े बेटे सचित मिस्त्री ने संभाला। वह भी इस साजिश में बराबर का हिस्सेदार था।

शूटर गिरफ्तार, कट्टा और बाइक बरामद

​तकनीकी सर्विलांस और मुखबिरों की सूचना पर पुलिस ने छापेमारी कर शूटर मनीष यादव (निवासी: पतरघट) को धर दबोचा।

  • बरामदगी: पुलिस ने उसके पास से हत्या में इस्तेमाल देसी कट्टा, 2 जिंदा कारतूस, एक काले रंग की अपाचे बाइक और मोबाइल बरामद किया है।
  • कबूलनामा: पूछताछ में शूटर ने कबूला कि उसने मनीष मिस्त्री (बेटा) के कहने पर अपने साथी के साथ मिलकर 11 दिसंबर की रात उमेश मिस्त्री को गोली मारी थी। पुलिस ने मृतक के बड़े बेटे सचित मिस्त्री को भी गिरफ्तार कर लिया है।

शूटर का पुराना ‘क्राइम कुंडली’

​गिरफ्तार शूटर मनीष यादव एक पेशेवर अपराधी है। उस पर सहरसा और बेगूसराय के थानों में आधा दर्जन से ज्यादा मामले दर्ज हैं।

  • ​इनमें लूट, आर्म्स एक्ट, मारपीट और SC/ST एक्ट के गंभीर मामले शामिल हैं।
  • ​पुलिस ने पतरघट थाने में आर्म्स एक्ट के तहत नया मामला दर्ज कर उसे जेल भेज दिया है। अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है।
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