
आरा (भोजपुर), 8 अप्रैल 2026: भोजपुर जिले के आरा शहर में बुधवार को क्विक कॉमर्स कंपनी ब्लिंकिट के डिलीवरी वर्कर्स ने वेतन कटौती और काम की शर्तों के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया। पकड़ी स्थित सर्किट हाउस के सामने बड़ी संख्या में जुटे राइडर्स ने कंपनी प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की और कामकाज ठप कर दिया, जिससे शहर के कई इलाकों में डिलीवरी सेवाएं प्रभावित हो गईं।
वेतन कटौती से नाराज राइडर्स
प्रदर्शन कर रहे डिलीवरी बॉयज का आरोप है कि कंपनी ने हाल के दिनों में उनके प्रति ऑर्डर भुगतान (पे-आउट) में भारी कमी कर दी है। जहां पहले प्रति डिलीवरी ₹32 से ₹35 तक मिलते थे, वहीं अब यह घटकर ₹15 से ₹22 के बीच रह गया है।
राइडर्स का कहना है कि बढ़ती महंगाई, पेट्रोल की कीमतों और गर्मी के बीच 10–12 घंटे काम करने के बावजूद उनकी रोजाना कमाई ₹500–₹600 से ज्यादा नहीं हो पा रही है, जिससे परिवार चलाना मुश्किल हो गया है।
‘10 मिनट डिलीवरी’ को बताया खतरनाक
प्रदर्शन का एक बड़ा कारण कंपनी की 10 मिनट डिलीवरी नीति भी है। राइडर्स का कहना है कि इतनी कम समय सीमा में ऑर्डर पहुंचाने का दबाव उनकी जान के लिए खतरा बन गया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए उन्हें तेज रफ्तार में वाहन चलाना पड़ता है, जिससे सड़क दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बना रहता है। वर्कर्स ने मांग की है कि डिलीवरी समय सीमा को यथार्थवादी बनाया जाए ताकि सुरक्षा से समझौता न करना पड़े।
सुविधाओं की कमी और असुरक्षा का आरोप
गिग वर्कर्स ने यह भी कहा कि कंपनी उन्हें कर्मचारी के बजाय ‘पार्टनर’ बताती है, जिसके चलते उन्हें पीएफ, बीमा और पेंशन जैसी बुनियादी सुविधाएं नहीं मिलतीं।
इसके अलावा, बिना किसी पूर्व सूचना या स्पष्ट कारण के उनकी आईडी ब्लॉक कर दी जाती है, जिससे अचानक उनकी आय का स्रोत खत्म हो जाता है। इसे उन्होंने आर्थिक और मानसिक शोषण करार दिया है।
स्थानीय समर्थन, प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग
प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे स्थानीय लोगों और समाजसेवियों ने भी डिलीवरी वर्कर्स की मांगों का समर्थन किया। उन्होंने जिला प्रशासन से इस मामले में हस्तक्षेप कर कंपनी को उचित दिशा-निर्देश देने की अपील की है।
सरकारी स्तर पर उम्मीद, लेकिन जमीनी मुद्दे बरकरार
हालांकि हाल के दिनों में केंद्र सरकार की ओर से गिग वर्कर्स की सामाजिक सुरक्षा को लेकर कुछ पहल की खबरें सामने आई हैं, लेकिन आरा के प्रदर्शनकारी वर्कर्स का कहना है कि जब तक उनकी आय, सुरक्षा और काम की शर्तों में सुधार नहीं होता, उनका आंदोलन जारी रहेगा।
फिलहाल, इस विरोध प्रदर्शन के चलते शहर में क्विक डिलीवरी सेवाएं बाधित हैं और कंपनी प्रबंधन की ओर से किसी आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है।


