भागलपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की स्वर्गवासी माता के खिलाफ दिए गए कथित अपमानजनक बयान को लेकर भागलपुर में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की महिला मोर्चा ने सोमवार को आक्रोशपूर्ण विरोध प्रदर्शन किया। भाजपा कार्यकर्ताओं ने इस टिप्पणी को निंदनीय और असहनीय बताते हुए कांग्रेस नेता राहुल गांधी और राजद से जुड़े नेताओं से सार्वजनिक माफी की मांग की।
कार्यालय से निकली विरोध यात्रा
विरोध यात्रा की शुरुआत भाजपा भागलपुर जिला कार्यालय से हुई। सैकड़ों महिला कार्यकर्ता हाथों में तख्तियां और पार्टी के झंडे लिए सड़कों पर उतरीं। “देश का अपमान बर्दाश्त नहीं होगा”, “मां का अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तान” जैसे नारे गूंजते रहे। जुलूस शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए कलेक्ट्रेट चौक तक पहुंचा, जहां नेताओं ने सभा की।
महिला मोर्चा का सख्त रुख
भाजपा महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष ने कहा—
“प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की माता का अपमान करना सीधे-सीधे भारत की मातृशक्ति का अपमान है। राजनीति में विचारधारा और दलों पर आलोचना हो सकती है, लेकिन किसी के माता-पिता का मजाक उड़ाना भारतीय संस्कृति और समाज के मूल्यों के खिलाफ है। महिला मोर्चा इसे किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं करेगी।”
उन्होंने चेतावनी दी कि अगर जल्द ही सार्वजनिक माफी नहीं मांगी गई, तो आंदोलन को जिले से राज्यव्यापी रूप दिया जाएगा।
भाजपा नेताओं का समर्थन
महिला मोर्चा के इस कार्यक्रम में भाजपा जिला इकाई के अध्यक्ष संतोष कुमार साह भी दर्जनों कार्यकर्ताओं के साथ मौजूद रहे। उन्होंने कहा—
“प्रधानमंत्री मोदी आज केवल भाजपा के नहीं बल्कि पूरे देश के नेता हैं। उनकी माता का अपमान करना पूरे देश का अपमान है। कांग्रेस और राजद नेताओं का यह रवैया उनकी ओछी राजनीति को उजागर करता है।”
लोगों का मिला समर्थन
विरोध यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय लोग भी सड़क किनारे खड़े होकर महिला मोर्चा के आंदोलन का समर्थन करते दिखे। कई नागरिकों ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में राजनीतिक मतभेदों की जगह है, लेकिन व्यक्तिगत हमले और विशेषकर माता-पिता को निशाना बनाना किसी भी रूप में स्वीकार्य नहीं है।
राजनीतिक असर
भाजपा का कहना है कि यह आंदोलन केवल भावनात्मक प्रतिक्रिया नहीं बल्कि विपक्षी दलों को करारा जवाब है। महिला मोर्चा का यह विरोध प्रदर्शन भागलपुर तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आने वाले दिनों में इसे बिहार के अन्य जिलों तक फैलाया जाएगा। भाजपा नेतृत्व मानता है कि इस मुद्दे पर विपक्ष को जनता के गुस्से का सामना करना पड़ेगा।


