- बिहार में ‘फाइलेरिया मुक्ति’ का महा-अभियान; 10 से 27 फरवरी तक चलेगा सर्वजन दवा सेवन (MDA) कार्यक्रम
- जीविका दीदी और स्वास्थ्य कर्मियों ने संभाली कमान; 34 जिलों में 40 हजार से ज्यादा शिविर लगाकर दी जा रही खुराक
- जिलावार रणनीति तैयार: कहीं 2 तो कहीं दी जा रही हैं 3 तरह की दवाएं; स्वास्थ्य विभाग ने झोंकी पूरी ताकत
द वॉयस ऑफ बिहार (पटना)
बिहार को फाइलेरिया (हाथीपांव) मुक्त बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने कमर कस ली है। राज्य में चल रहे ‘सर्वजन दवा सेवन’ (Mass Drug Administration – MDA) अभियान ने शुरुआती दिनों में ही रिकॉर्ड तोड़ सफलता हासिल की है। गुरुवार तक के आंकड़ों के मुताबिक, राज्य में 1 करोड़ 20 लाख से अधिक लोग फाइलेरिया रोधी दवा का सेवन कर चुके हैं।
एक दिन में 60 लाख का रिकॉर्ड
अभियान की रफ्तार का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि केवल 11 फरवरी को एक ही दिन में 60 लाख से अधिक लोगों को दवा खिलाई गई, जो एक बड़ा रिकॉर्ड है।
- स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि यह महा-अभियान 27 फरवरी तक जारी रहेगा।
- इसके लिए राज्य भर में 40 हजार से अधिक स्वास्थ्य शिविर लगाए गए हैं।
- नियम: स्वास्थ्य कर्मी अपनी मौजूदगी में ही लोगों को आइवरमेक्टिन, एल्बेंडाजोल और डीईसी (DEC) की खुराक खिला रहे हैं।
जागरूकता में जीविका दीदी आगे
इस अभियान को सफल बनाने के लिए जीविका दीदी, स्वास्थ्य विभाग और समेकित बाल विकास योजना (ICDS) मिलकर काम कर रहे हैं।
- राज्य के 34 जिलों के 395 प्रखंडों में व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है, ताकि कोई भी व्यक्ति दवा खाने से न छूटे।
किस जिले में कौन सी दवा?
स्वास्थ्य विभाग ने जिलों की स्थिति के अनुसार दवा का डोज निर्धारित किया है:
- 2 दवाओं वाला क्षेत्र (एल्बेंडाजोल + DEC): इन 19 जिलों में केवल दो दवाएं दी जा रही हैं- पटना, भागलपुर, बांका, पूर्वी-पश्चिमी चंपारण, गोपालगंज, जहानाबाद, कटिहार, खगड़िया, कैमूर, मुंगेर, सीतामढ़ी, सुपौल, सीवान, भोजपुर, बक्सर, मधुबनी, नालंदा और नवादा।
- 3 दवाओं वाला क्षेत्र (आइवरमेक्टिन + एल्बेंडाजोल + DEC): इन 15 जिलों में तीन दवाओं का कॉम्बिनेशन दिया जा रहा है- मुजफ्फरपुर, दरभंगा, पूर्णिया, समस्तीपुर, औरंगाबाद, बेगूसराय, गया, जमुई, सारण, शिवहर, शेखपुरा, सहरसा, वैशाली, लखीसराय और रोहतास।


