
भागलपुर/नवगछिया, 15 अगस्त 2025 —भागलपुर जिले के नवगछिया, रंगरा प्रखंड के चापर गांव के वीर पुत्र हवलदार अंकित यादव ने जम्मू-कश्मीर के उरी सेक्टर में पाकिस्तानी सेना की बॉर्डर एक्शन टीम (BAT) की घुसपैठ की कोशिश नाकाम करते हुए मातृभूमि पर अपने प्राण न्योछावर कर दिए। बुधवार तड़के एलओसी पर हुई इस मुठभेड़ में उनकी बहादुरी से घुसपैठिए पीछे हट गए, लेकिन देश ने अपना एक वीर सपूत खो दिया।
बाढ़ के बीच अंतिम यात्रा की चुनौती
गुरुवार शाम तक उनका पार्थिव शरीर पटना एयरपोर्ट पहुंच चुका है। शुक्रवार, 15 अगस्त को दोपहर 12 बजे के आसपास सड़क मार्ग से भागलपुर होते हुए नवगछिया लाया जाएगा।
लेकिन इस समय रंगरा प्रखंड और चापर गांव बाढ़ की चपेट में हैं — सड़कों पर पानी भरा है, जिससे अंतिम यात्रा को गांव तक ले जाना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गया है।
शहीद की पत्नी रूबी कुमारी, उनके दो बेटे और परिवारजन बाढ़ का पानी नाव से पार करके घर पहुंचे हैं।
सेना में भर्ती से शहादत तक का सफर
- भर्ती: 2009 में बिहार रेजिमेंट में
- परिवार: पत्नी रूबी कुमारी, दो बेटे, माता-पिता, तीन भाई (सभी सेना से जुड़े रहे)
- गांव वापसी: एक महीने पहले ही छुट्टी में गांव आए थे
- आखिरी बातचीत: घटना से एक दिन पहले बड़े भाई निरंजन कुमार (पूर्व सैनिक) से हुई थी
गांव में गम और गर्व का माहौल
चापर गांव में शोक की लहर है। ग्रामीण बताते हैं कि अंकित यादव मिलनसार और प्रेरणादायक व्यक्तित्व के धनी थे। वे युवाओं को सेना में भर्ती होने के लिए हमेशा प्रोत्साहित करते थे।
ग्रामीण लक्ष्मी नारायण और वार्ड सदस्य मनोज कुमार शर्मा कहते हैं —
“अंकित की शहादत ने गांव का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया, लेकिन यह नुकसान कभी पूरा नहीं हो सकता।”
स्वतंत्रता दिवस पर अंतिम संस्कार
देश की 79वीं स्वतंत्रता दिवस के दिन शहीद अंकित यादव का पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा। प्रशासन बाढ़ के बीच अंतिम यात्रा की हर व्यवस्था कर रहा है।
पूरा गांव और देश इस वीर सपूत को नमन कर रहा है —
“शहीद अंकित यादव अमर रहें, वंदे मातरम!”


