बिहार में 10 वर्षों में दस्तावेज निबंधन से दोगुना हुआ राजस्व

सरकार को अब तक 49 हजार 606 करोड़ की कमाई, ऑनलाइन सिस्टम से बढ़ी पारदर्शिता

पटना, 23 सितंबर।बिहार में जमीन, मकान और फ्लैट जैसी संपत्तियों के निबंधन से सरकार की कमाई लगातार बढ़ रही है। पिछले 10 साल में दस्तावेज निबंधन से होने वाला राजस्व दोगुना से अधिक हो गया है। मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग के आधिकारिक आंकड़े बताते हैं कि वित्तीय वर्ष 2015-16 से 2024-25 तक कुल 1 करोड़ 22 लाख 66 हजार दस्तावेजों का निबंधन हुआ, जिससे 49 हजार 606 करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व राज्य सरकार को मिला।

2024-25 में 7 हजार करोड़ से ज्यादा की आय

वित्तीय वर्ष 2015-16 में जहां लगभग 11 लाख दस्तावेजों से 3,562 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ था, वहीं 2024-25 में यह आंकड़ा दोगुना से भी अधिक हो गया।

  • 2024-25 में 16 लाख 61 हजार दस्तावेज निबंधित हुए, जिससे 7,648 करोड़ 88 लाख रुपये की आय हुई।
  • 2023-24 में 14 लाख दस्तावेजों से 6,170 करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व मिला।
  • चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 में सितंबर तक ही 7 लाख 57 हजार दस्तावेज निबंधित हुए और सरकार को 3,418 करोड़ 52 लाख रुपये की कमाई हो चुकी है।

डिजिटल निबंधन से आसान हुआ काम

सरकार ने निबंधन प्रक्रिया को डिजिटल और पारदर्शी बनाया है। अब लोग घर बैठे ऑनलाइन आवेदन कर निबंधन करा सकते हैं और संबंधित दस्तावेज आसानी से डाउनलोड कर सकते हैं। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि डिजिटल सिस्टम से न केवल पारदर्शिता आई है, बल्कि लोगों को दलालों और अनावश्यक झंझटों से भी मुक्ति मिली है।

बढ़ती संख्या से मजबूत हो रही अर्थव्यवस्था

राज्य सरकार का मानना है कि दस्तावेज निबंधन से मिलने वाला राजस्व ग्रामीण और शहरी बुनियादी ढांचे के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। लगातार बढ़ रही निबंधन संख्या इस बात का संकेत है कि रियल एस्टेट और संपत्ति कारोबार में भी स्थिरता और विश्वास बढ़ा है।


 

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