
पटना: बिहार के विकास को नई गति देने के लिए राज्य सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। सारण जिले के सोनपुर और भागलपुर जिले के सुल्तानगंज में दो आधुनिक ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के निर्माण को मंजूरी दी गई है। करीब 5000 करोड़ रुपये की इस परियोजना को राज्य के लिए गेमचेंजर माना जा रहा है।
सोनपुर में बनेगा राज्य का बड़ा एयरपोर्ट
सोनपुर में प्रस्तावित एयरपोर्ट इस पूरी योजना का सबसे अहम हिस्सा होगा। इसके लिए लगभग 4228 एकड़ भूमि अधिग्रहण की योजना है। यह क्षेत्र पहले से ही अपने ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व के लिए जाना जाता है, खासकर विश्व प्रसिद्ध सोनपुर मेला के कारण।
एयरपोर्ट बनने के बाद यहां पर्यटन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। साथ ही पटना एयरपोर्ट पर बढ़ते यातायात दबाव को भी काफी हद तक कम किया जा सकेगा।
पूर्वी बिहार को मिलेगा सीधा फायदा
सुल्तानगंज में बनने वाला एयरपोर्ट पूर्वी बिहार के लिए बड़ी सुविधा साबित होगा। करीब 931 एकड़ क्षेत्र में बनने वाला यह एयरपोर्ट भागलपुर, बांका, मुंगेर और आसपास के जिलों के लाखों लोगों को हवाई कनेक्टिविटी उपलब्ध कराएगा।
इससे यात्रियों को पटना या अन्य शहरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। साथ ही देवघर और बाबा धाम जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए भी यात्रा आसान होगी।
5000 करोड़ की परियोजना से विकास को रफ्तार
सरकार द्वारा स्वीकृत 5000 करोड़ रुपये का बजट इस बात का संकेत है कि परियोजना को प्राथमिकता दी जा रही है। भूमि अधिग्रहण, रनवे, टर्मिनल और अन्य बुनियादी ढांचे के विकास कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
रोजगार और निवेश के नए अवसर
इन एयरपोर्ट्स के निर्माण से हजारों लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिलने की संभावना है। निर्माण कार्य के दौरान जहां बड़ी संख्या में श्रमिकों को काम मिलेगा, वहीं एयरपोर्ट चालू होने के बाद होटल, ट्रांसपोर्ट, लॉजिस्टिक्स, रिटेल और सेवा क्षेत्र में भी रोजगार के नए अवसर बनेंगे।
विशेषज्ञों के अनुसार, बेहतर हवाई कनेक्टिविटी से निवेश बढ़ता है और उद्योगों के विकास को गति मिलती है।
बिहार की नई उड़ान की ओर कदम
इन दोनों एयरपोर्ट्स के बनने से न केवल हवाई यात्रा आसान होगी, बल्कि बिहार की आर्थिक और पर्यटन क्षमता को भी नया आयाम मिलेगा। यह परियोजना राज्य के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हो सकती है।


