समाचार के मुख्य बिंदु: बिहार के भविष्य के जिलाधिकारियों का ‘पावर’ सेशन
- अहम प्रशिक्षण: भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) 2024 बैच के 12 परीक्ष्यमान प्रशिक्षु पदाधिकारियों ने पंचायती राज विभाग की कार्यप्रणाली को बारीकी से समझा।
- सचिव की क्लास: विभाग के सचिव मनोज कुमार ने पीपीटी (PPT) के जरिए पंचायत सरकार भवन, सोलर स्ट्रीट लाइट और वित्त आयोग की योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी।
- फील्ड की चुनौतियां: प्रशिक्षु अफसरों को उप-विकास आयुक्त (DDC) के पद पर आने वाली व्यवहारिक चुनौतियों और जनप्रतिनिधियों के साथ समन्वय का पाठ पढ़ाया गया।
- कानूनी समझ: ‘बिहार पंचायती राज अधिनियम-2006’ के प्रावधानों, विशेषकर पंचायत निर्वाचन की प्रक्रियाओं को गंभीरता से समझने की सलाह दी गई।
- टीम उपस्थिति: निदेशक नवीन कुमार सिंह, अपर सचिव डॉ. आदित्य प्रकाश सहित विभाग के सभी वरीय अधिकारी रहे मौजूद।
- VOB इनसाइट: नए आईएएस अधिकारियों का पंचायती राज विभाग से जुड़ाव यह दर्शाता है कि बिहार सरकार ग्रामीण विकास को लेकर अपनी ‘सॉफ्ट पावर’ (प्रशासनिक दक्षता) बढ़ा रही है।
पटना | 25 मार्च, 2026
बिहार के प्रशासनिक ढांचे में नई ऊर्जा का संचार होने जा रहा है। भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) 2024 बैच के 12 होनहार प्रशिक्षु अधिकारियों ने बुधवार को पटना स्थित पंचायती राज विभाग के मुख्यालय में सुशासन की बारीकियों का प्रशिक्षण लिया। ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ (VOB) की विशेष रिपोर्ट के अनुसार, इस सत्र का मुख्य उद्देश्य इन युवा अधिकारियों को बिहार की जमीनी हकीकत और त्रि-स्तरीय पंचायती राज व्यवस्था के जटिल ताने-बाने से अवगत कराना था।
PPT से ‘परियोजनाओं’ तक: विभाग का डिजिटल प्रेजेंटेशन
विभाग के सचिव मनोज कुमार ने खुद कमान संभालते हुए प्रशिक्षु पदाधिकारियों को विभाग की संरचना और प्रशाखावार कार्यों से परिचित कराया। उन्होंने पावरपॉइंट प्रेजेंटेशन (PPT) के जरिए निम्नलिखित प्रमुख योजनाओं का खाका पेश किया:
- पंचायत सरकार भवन: ग्राम स्तर पर मिनी सचिवालय की अवधारणा।
- मुख्यमंत्री ग्रामीण सोलर स्ट्रीट लाईट योजना: गांवों की गलियों को रोशन करने का मेगा प्रोजेक्ट।
- 15वीं एवं 6वीं राज्य वित्त आयोग: पंचायतों को मिलने वाले फंड और उनके सटीक व्यय की विधि।
- ग्राम कचहरी एवं कन्या विवाह मंडप: ग्रामीण न्याय व्यवस्था और सामाजिक सरोकार की योजनाएं।
IAS प्रशिक्षुओं के लिए ‘गुरुमंत्र’: जनप्रतिनिधियों के साथ समन्वय ही चाबी
सचिव मनोज कुमार ने अपने लंबे प्रशासनिक अनुभव को साझा करते हुए प्रशिक्षुओं को भविष्य की भूमिका के लिए तैयार किया। उन्होंने बताया कि जब वे जिले में उप-विकास आयुक्त (DDC) के रूप में तैनात होंगे, तो उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती ‘जनप्रतिनिधियों और प्रशासन’ के बीच संतुलन बनाने की होगी।
”एक सफल प्रशासनिक अधिकारी वही है जो सकारात्मक सोच के साथ त्रि-स्तरीय पंचायती राज के प्रतिनिधियों के साथ तालमेल बिठा सके। आपको जनहित को सर्वोपरि रखना है और बिहार पंचायती राज अधिनियम-2006 के प्रावधानों को पूरी गहराई से समझना है, ताकि क्षेत्र में कार्य करते समय किसी प्रकार का कानूनी संशय न रहे।”
— मनोज कुमार, सचिव, पंचायती राज विभाग
प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले 12 होनहार IAS अधिकारियों की सूची
बिहार के अलग-अलग जिलों में तैनात ये प्रशिक्षु अधिकारी आने वाले समय में जिले की कमान संभालेंगे:
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क्र.सं. |
नाम |
वर्तमान तैनाती (सहायक समाहर्त्ता एवं सहायक दंडाधिकारी) |
|---|---|---|
|
1. |
सूरज कुमार |
गया |
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2. |
के परीक्षित |
दरभंगा |
|
3. |
विग्नेश टी.ए. |
पटना |
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4. |
विरूपाक्ष विक्रम सिंह |
मधुबनी |
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5. |
प्रेम कुमार |
मुजफ्फरपुर |
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6. |
कृष्णा जोशी |
बिहार शरीफ (नालंदा) |
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7. |
अजय यादव |
बेगूसराय |
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8. |
महेश कुमार |
पूर्णिया |
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9. |
प्रिया रानी |
पूर्वी चंपारण (मोतिहारी) |
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10. |
जतिन कुमार |
भागलपुर |
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11. |
सैय्यद अदील मोहसिन |
भोजपुर (आरा) |
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12. |
कशिश बख्शी |
सुपौल |
VOB का नजरिया: युवा नेतृत्व और ग्रामीण विकास का संगम
’द वॉयस ऑफ बिहार’ (VOB) का मानना है कि इन 12 युवा आईएएस अधिकारियों का प्रशिक्षण बिहार के ग्रामीण विकास में एक ‘गेम-चेंजर’ साबित होगा।
- टेक्नोक्रेट अप्रोच: 2024 बैच के ये अधिकारी तकनीकी रूप से दक्ष हैं, जो ‘मुख्यमंत्री सोलर स्ट्रीट लाइट’ और ‘ई-ग्राम स्वराज’ जैसे डिजिटल प्रोजेक्ट्स को बेहतर ढंग से लागू कर सकेंगे।
- संवेदनशीलता: सचिव द्वारा दिया गया ‘जनप्रतिनिधियों के साथ समन्वय’ का सुझाव यह सुनिश्चित करेगा कि भविष्य के ये डीएम (DM) जनता की समस्याओं के प्रति अधिक संवेदनशील होंगे।
- भागलपुर का गौरव: भागलपुर में तैनात जतिन कुमार जैसे अधिकारियों के लिए यह प्रशिक्षण सिल्क सिटी की ग्रामीण व्यवस्था को समझने में मील का पत्थर साबित होगा।
सुशासन की नई खेप तैयार
प्रशिक्षण के अंत में सचिव ने प्रशिक्षुओं के सभी सवालों के जवाब दिए और उनके संशयों को दूर किया। इस अवसर पर निदेशक नवीन कुमार सिंह और अपर सचिव डॉ. आदित्य प्रकाश ने भी अधिकारियों का मार्गदर्शन किया। ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ इन युवा आईएएस अधिकारियों द्वारा अपने-अपने जिलों में किए जाने वाले नवाचारों और ग्रामीण विकास की हर खबर आप तक सबसे पहले पहुँचाता रहेगा।


