बिहार में लौटेगी तेज गर्मी, मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट; बारिश थमते ही कई जिलों में 40 डिग्री के पार पहुंच सकता है पारा

पटना। बिहार में पिछले कुछ दिनों से आंधी, बारिश और ठंडी हवाओं के कारण लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली हुई थी, लेकिन यह राहत अब ज्यादा दिनों तक रहने वाली नहीं है। मौसम विभाग ने संकेत दिया है कि राज्य में एक बार फिर तापमान तेजी से बढ़ने वाला है। जून महीने की शुरुआत के साथ ही मौसम का मिजाज बदलने लगेगा और कई जिलों में गर्मी का असर फिर से महसूस किया जाएगा। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि अगले कुछ दिनों में राज्य के कई हिस्सों में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच सकता है।

पिछले सप्ताह बिहार के विभिन्न जिलों में हुई बारिश और तेज हवाओं ने मौसम को काफी हद तक सुहावना बना दिया था। कई स्थानों पर तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई थी, जिससे लोगों को तपती गर्मी से राहत मिली थी। लगातार तीन दिनों तक राज्य का अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से नीचे बना रहा। हालांकि अब मौसम विभाग ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि यह स्थिति जल्द बदलने वाली है।

मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार 1 जून को राज्य के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश की संभावना बनी हुई है। इसके बाद वर्षा गतिविधियों में तेजी से कमी आएगी और अधिकांश जिलों में आसमान साफ होने लगेगा। जैसे-जैसे बादलों की मौजूदगी कम होगी, वैसे-वैसे सूर्य की तीखी किरणों का प्रभाव बढ़ेगा और तापमान में लगातार वृद्धि देखने को मिलेगी।

मौसम विभाग ने पश्चिमी और उत्तर-पश्चिमी बिहार के कई जिलों में हल्की बारिश और बादल छाए रहने की संभावना जताई है। इनमें पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सिवान और सारण जैसे जिले शामिल हैं। इसके अलावा दक्षिण-पश्चिमी बिहार के कुछ जिलों जैसे रोहतास, कैमूर, भोजपुर, बक्सर, अरवल और औरंगाबाद में भी हल्की वर्षा हो सकती है। हालांकि यह बारिश व्यापक नहीं होगी और केवल कुछ स्थानों तक सीमित रहने की संभावना है।

विशेषज्ञों का कहना है कि जून के पहले सप्ताह में मानसून की गतिविधियां अभी बिहार में पूरी तरह सक्रिय नहीं होंगी। ऐसे में बारिश की संभावना सीमित रहने के कारण गर्मी का प्रभाव दोबारा बढ़ सकता है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार 2 जून के बाद अधिकांश जिलों में बारिश की संभावना काफी कम हो जाएगी और शुष्क मौसम का दौर शुरू हो सकता है।

राजधानी पटना सहित राज्य के कई जिलों में तापमान बढ़ने के संकेत पहले ही दिखाई देने लगे हैं। हाल के दिनों में जहां मौसम अपेक्षाकृत ठंडा था, वहीं अब दिन के समय गर्मी का असर बढ़ रहा है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार पिछले 24 घंटों में कई जिलों में तापमान में 2 से 6 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

पटना का अधिकतम तापमान भी तेजी से ऊपर गया है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में राजधानी में गर्मी का असर और अधिक बढ़ सकता है। यदि बारिश नहीं होती है तो तापमान में लगातार वृद्धि दर्ज की जा सकती है। इसके साथ ही उमस भी लोगों की परेशानी बढ़ा सकती है।

राज्य के विभिन्न हिस्सों में दर्ज तापमान पर नजर डालें तो कैमूर जिले का भभुआ क्षेत्र सबसे अधिक गर्म स्थानों में शामिल रहा। यहां अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस से अधिक दर्ज किया गया। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि अगले कुछ दिनों में यह आंकड़ा और ऊपर जा सकता है। कई अन्य जिलों में भी तापमान तेजी से बढ़ने की संभावना जताई गई है।

हालांकि बारिश के दौरान बिहार के कई जिलों में अच्छी वर्षा दर्ज की गई थी। सबसे अधिक बारिश मोतिहारी क्षेत्र में रिकॉर्ड की गई, जहां भारी वर्षा ने मौसम को पूरी तरह बदल दिया था। इसके अलावा पूर्णिया, नालंदा, नवादा, गोपालगंज, वैशाली, समस्तीपुर, लखीसराय, बांका, मधेपुरा और जमुई जैसे जिलों में भी अच्छी बारिश दर्ज की गई थी। इस बारिश का फायदा किसानों को भी मिला और खेतों में नमी की स्थिति बेहतर हुई।

कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि बारिश के बाद तापमान बढ़ने से खेती पर मिश्रित प्रभाव पड़ सकता है। जहां एक ओर खेतों में मौजूद नमी फसलों के लिए लाभदायक साबित होगी, वहीं दूसरी ओर अत्यधिक गर्मी बढ़ने पर कुछ क्षेत्रों में किसानों को सिंचाई की अतिरिक्त व्यवस्था करनी पड़ सकती है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने भी लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। उनका कहना है कि तापमान बढ़ने के साथ ही लू और डिहाइड्रेशन जैसी समस्याओं का खतरा भी बढ़ जाता है। विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों को दोपहर के समय बाहर निकलने से बचना चाहिए। पर्याप्त मात्रा में पानी पीना और शरीर को हाइड्रेट रखना जरूरी होगा।

मौसम विभाग ने यह भी कहा है कि तापमान बढ़ने के बावजूद कुछ क्षेत्रों में स्थानीय स्तर पर बादल बनने और हल्की बारिश की स्थिति बन सकती है। हालांकि इससे पूरे राज्य के मौसम पर बड़ा प्रभाव पड़ने की संभावना नहीं है। अधिकांश जिलों में गर्मी का प्रभाव लगातार बढ़ता रहेगा।

शहरी क्षेत्रों में गर्मी के साथ बिजली की मांग बढ़ने की संभावना भी जताई जा रही है। एयर कंडीशनर, कूलर और पंखों के बढ़ते उपयोग के कारण बिजली खपत में वृद्धि हो सकती है। ऊर्जा विभाग पहले से ही संभावित मांग को देखते हुए तैयारी कर रहा है ताकि उपभोक्ताओं को किसी तरह की परेशानी न हो।

मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि जून का पहला पखवाड़ा बिहार के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है। यदि मानसून की प्रगति धीमी रहती है तो राज्य के कई हिस्सों में गर्मी का प्रभाव सामान्य से अधिक महसूस किया जा सकता है। ऐसे में लोगों को मौसम विभाग द्वारा जारी अपडेट पर लगातार नजर रखने की सलाह दी गई है।

कुल मिलाकर बिहार में बारिश और आंधी से मिली राहत अब समाप्त होती दिखाई दे रही है। जून की शुरुआत के साथ ही तापमान में बढ़ोतरी का दौर शुरू होने वाला है और कई जिलों में पारा 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच सकता है। मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने, पर्याप्त पानी पीने और तेज धूप के दौरान आवश्यक सावधानी बरतने की अपील की है।

  • ये भी पढ़े..

    बिहार विधानसभा में सात विधेयकों पर चर्चा से लेकर TRE-4 भर्ती तक, मानसून सत्र के दूसरे दिन सदन में क्या-क्या हुआ?

    Share Add as a preferred…

    बिहार में जमीन की दाखिल-खारिज अब होगी महंगी, विधानसभा से विधेयक पास होने के बाद 200 रुपये शुल्क का प्रावधान

    Share Add as a preferred…