बिहार में मौसम का डबल अटैक: 7 जिलों में हीट वेव का अलर्ट, 14 जिलों में आंधी-बारिश और ठनका गिरने की चेतावनी

बिहार में मौसम का मिजाज इन दिनों पूरी तरह बदला हुआ नजर आ रहा है। राज्य के कुछ हिस्से भीषण गर्मी और लू की चपेट में हैं, तो वहीं कई जिलों में आंधी, बारिश और ठनका गिरने की आशंका लोगों की चिंता बढ़ा रही है। मौसम विभाग ने रविवार को बिहार के लिए डबल अलर्ट जारी करते हुए सात जिलों में हीट वेव की चेतावनी दी है, जबकि 14 जिलों में तेज हवा, गरज-चमक और हल्की बारिश का पूर्वानुमान जताया गया है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले दो दिनों तक राज्य के लोगों को गर्मी से राहत मिलने की संभावना बेहद कम है।

राज्य में लगातार बढ़ते तापमान ने लोगों का जनजीवन प्रभावित कर दिया है। दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा दिखाई दे रहा है और लोग जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं। खासकर दक्षिण और दक्षिण-पश्चिम बिहार के जिलों में गर्म हवाओं और तेज धूप ने हालात को और गंभीर बना दिया है। दूसरी तरफ उत्तर बिहार के कई इलाकों में मौसम का रुख बदला हुआ है, जहां बादल, तेज हवा और बारिश जैसी गतिविधियां देखने को मिल रही हैं।

मौसम विभाग के अनुसार बक्सर, भोजपुर, अरवल, कैमूर, रोहतास, औरंगाबाद और गया जिलों में हीट वेव जैसी स्थिति बनी रहेगी। इन इलाकों में तापमान सामान्य से काफी अधिक दर्ज किया जा रहा है, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। विभाग ने लोगों को दोपहर के समय घर से बाहर निकलने से बचने, पर्याप्त पानी पीने और धूप से बचाव करने की सलाह दी है।

विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार बढ़ती गर्मी का सबसे अधिक असर बुजुर्गों, बच्चों और पहले से बीमार लोगों पर पड़ता है। तेज गर्म हवाओं के कारण डिहाइड्रेशन, चक्कर, कमजोरी और हीट स्ट्रोक जैसी समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है। अस्पतालों में भी गर्मी से जुड़ी परेशानियों वाले मरीजों की संख्या धीरे-धीरे बढ़ने लगी है।

वहीं दूसरी ओर उत्तर और पूर्वी बिहार के कई जिलों में मौसम ने अलग रूप दिखाना शुरू कर दिया है। मौसम विभाग ने शिवहर, सीतामढ़ी, मधुबनी, सुपौल, अररिया, किशनगंज, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, सहरसा, मधेपुरा, पूर्णिया, कटिहार, वैशाली और समस्तीपुर जिलों में आंधी-तूफान के साथ हल्की बारिश और ठनका गिरने की संभावना जताई है। इन जिलों में तेज हवा चलने और बादलों की गरज के साथ मौसम अचानक बदल सकता है।

मौसम विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि खराब मौसम के दौरान लोग खुले मैदानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें। किसानों को भी खेतों में काम करते समय विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। खासकर ठनका गिरने की घटनाओं को देखते हुए ग्रामीण इलाकों में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की गई है।

राज्य में अगले 48 घंटों तक मौसम की स्थिति लगभग इसी तरह बनी रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार मंगलवार तक अधिकतम तापमान में किसी बड़े बदलाव की उम्मीद नहीं है। हालांकि बुधवार से मौसम में हल्का परिवर्तन देखने को मिल सकता है और अगले चार दिनों के दौरान तापमान में दो से चार डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आने की संभावना जताई गई है।

बीते 24 घंटों के मौसम आंकड़ों ने भी गर्मी की गंभीर स्थिति को स्पष्ट कर दिया है। कई जिलों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया। डेहरी राज्य का सबसे गर्म इलाका रहा, जहां अधिकतम तापमान 44.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा बक्सर में 43.9 डिग्री, कैमूर में 43.7 डिग्री, औरंगाबाद में 43.1 डिग्री, गया और शेखपुरा में 42.8 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया। राजधानी पटना में भी पारा 41 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया।

मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक दक्षिण-पश्चिम बिहार में गर्म और शुष्क हवाओं का प्रभाव लगातार बना हुआ है, जिसकी वजह से हीट वेव की स्थिति उत्पन्न हो रही है। खासकर गया, औरंगाबाद, रोहतास और कैमूर जैसे जिलों में हालात अधिक गंभीर माने जा रहे हैं। इन इलाकों में दिन के समय सड़कें तपती नजर आ रही हैं और लोगों को लू के थपेड़ों का सामना करना पड़ रहा है।

वहीं दूसरी ओर उत्तर बिहार के कुछ हिस्सों में प्री-मानसून गतिविधियां धीरे-धीरे सक्रिय होती दिख रही हैं। कटिहार में पिछले 24 घंटों के दौरान भारी बारिश दर्ज की गई, जिससे तापमान में थोड़ी राहत महसूस की गई। हालांकि मौसम विभाग का कहना है कि अभी राज्यभर में एक समान राहत मिलने में समय लगेगा।

राजधानी पटना में भी गर्मी का असर लगातार बढ़ रहा है। लगातार दूसरे दिन शहर का अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया गया। इससे पहले शनिवार को भी पटना का तापमान 41.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था। शहर में सुबह से ही तेज धूप निकल रही है और दोपहर होते-होते गर्म हवाओं ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।

पटना मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार अगले तीन दिनों तक राजधानी और आसपास के इलाकों में गर्मी से राहत मिलने की संभावना बेहद कम है। अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना रह सकता है। मौसम विभाग ने लोगों को बिना जरूरी काम घर से बाहर न निकलने और शरीर को हाइड्रेट रखने की सलाह दी है।

गर्मी के कारण बिजली की मांग भी तेजी से बढ़ गई है। कई जिलों में बिजली की खपत रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच रही है। लोग दिनभर कूलर, पंखे और एसी का इस्तेमाल कर रहे हैं, जिससे बिजली व्यवस्था पर दबाव बढ़ गया है। वहीं ग्रामीण इलाकों में पानी की समस्या भी धीरे-धीरे गहराने लगी है।

विशेषज्ञों का मानना है कि मई के अंतिम सप्ताह में बिहार में इस तरह का मौसम बदलाव सामान्य माना जाता है, लेकिन इस बार गर्मी की तीव्रता सामान्य से अधिक दिखाई दे रही है। मौसम वैज्ञानिक लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं और लोगों को मौसम संबंधी अपडेट पर ध्यान देने की सलाह दे रहे हैं।

फिलहाल बिहार के लोगों को अगले कुछ दिनों तक दोहरी चुनौती का सामना करना पड़ सकता है। एक तरफ भीषण गर्मी और लू का खतरा है, तो दूसरी ओर आंधी, बारिश और ठनका गिरने की आशंका भी बनी हुई है। ऐसे में सावधानी और सतर्कता ही लोगों को सुरक्षित रख सकती है।

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