बिहार में बदलेगा मौसम का मिजाज: भागलपुर प्रमंडल सहित राज्यभर में 22 मई तक आंधी-बारिश का अलर्ट, मौसम विज्ञान केंद्र ने जारी की चेतावनी

भागलपुर, 20 मई 2026। भीषण गर्मी और लू की प्रताड़ना झेल रहे बिहार के नागरिकों के लिए मौसम के मोर्चे से एक बेहद बड़ी और आंशिक राहत प्रदान करने वाली खबर सामने आ रही है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के पटना स्थित क्षेत्रीय केंद्र द्वारा जारी किए गए अद्यतन मौसम पूर्वानुमान विलेखों के अनुसार, आज बुधवार से लेकर आगामी 22 मई तक भागलपुर जिले सहित सूबे के अधिकांश प्रक्षेपों में आंशिक रूप से घने बादल छाए रहने, तीव्र धूलभरी आंधी चलने और गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने के सुदृढ़ आसार निर्मित हो रहे हैं।

​इस मौसमी विक्षोभ और वायुमंडलीय विचलनों को देखते हुए मौसम वैज्ञानिकों ने एक कड़ा नीतिगत कदम उठाते हुए उत्तर बिहार के जिलों के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ (Orange Alert) तथा दक्षिण बिहार के मैदानी अंचलों के लिए ‘येलो अलर्ट’ (Yellow Alert) विधिक रूप से जारी कर दिया है। चक्रवातीय हवाओं और पूरवा के प्रवाह के कारण आ रहे इस बड़े बदलाव से सूबे के अधिकतम तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस तक की प्रखर गिरावट दर्ज की जाएगी, जिससे पिछले कई दिनों से संधारित हो रहे पारे के टॉर्चर से आम जनता को बड़ी राहत हस्तगत होगी।

भागलपुर में शुक्रवार को 40 किमी की रफ्तार से चलेगी आंधी, बांका में भी उतार-चढ़ाव

​अंग प्रमंडल के क्षेत्रीय मौसम विन्यासों पर विस्तृत रिपोर्ट साझा करते हुए कृषि मौसम वैज्ञानिकों ने बताया कि भागलपुर प्रक्षेत्र में बुधवार और गुरुवार को मुख्य रूप से आसमान में बादलों की आवाजाही लाइव रहेगी, जिसके प्रभाव से दोपहर के बाद या शाम के समय तेज धूलभरी आंधी के साथ हल्की वर्षा या कतिपय स्थानों पर आंशिक बूंदाबांदी दर्ज की जा सकती है। इसके उपरांत, आगामी शुक्रवार यानी 22 मई को मौसम का सबसे प्रखर रूप देखने को मिलेगा, जब वायुमंडलीय दबाव के कारण 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की कड़क रफ्तार से तेज अंधड़ चलने और गरज-चमक के साथ कतिपय क्षेत्रों में झमाझम बारिश होने की प्रबल संभावना संधारित है।

​भागलपुर के पड़ोसी जिले बांका के भौगोलिक अंचलों में भी अगले कतिपय दिनों तक मौसम में भारी उतार-चढ़ाव बने रहने की संभावना व्यक्त की गई है। वहां भी आंधी और जलीय फुहारों के कारण तपिश से राहत मिलेगी। इसके साथ ही सूबे की राजधानी पटना में भी बुधवार को एक-दो विशिष्ट स्थानों पर बादलों की कड़क और बिजली की चमक के साथ बारिश के आसार जताए गए हैं। मौसम कप्तानों के अनुसार, यह पूरी मौसमी प्रविष्टि प्री-मानसून गतिविधियों का हिस्सा है, जिससे झुलसती हुई धरती और पेड़-पौधों को एक नया जीवन प्राप्त होगा।

उत्तर बिहार के लिए ऑरेंज तो दक्षिण के लिए येलो अलर्ट, 60 किमी की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

​मौसम विज्ञान केंद्र पटना के आला कप्तानों द्वारा जारी की गई आधिकारिक बुलेटिन के विन्यासों के अनुसार, सूबे के अलग-अलग भौगोलिक खंडों में हवा की रफ्तार और वज्रपात (आकाशीय बिजली) के खतरों को देखते हुए सुरक्षात्मक गाइडलाइंस लाइव की गई हैं:

  • उत्तर-मध्य और उत्तर-पूर्व भाग (ऑरेंज अलर्ट): पूर्णिया, कटिहार, अररिया, किशनगंज, सहरसा, मधेपुरा, सुपौल सहित दरभंगा और मुजफ्फरपुर प्रमंडलों के कतिपय जिलों में गरज-चमक के साथ 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की अत्यधिक प्रखर रफ्तार से विनाशकारी हवाएं चलने और कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि व मध्यम बारिश की कड़क चेतावनी संधारित है।
  • उत्तर-पश्चिम, दक्षिण-मध्य और दक्षिण-पूर्व भाग (येलो अलर्ट): भागलपुर, बांका, जमुई, मुंगेर, पटना, गया और नालंदा प्रक्षेत्र के एक-दो जिलों में बादलों की गर्जना के साथ 40 से 50 किलोमीटर की रफ्तार से अंधड़ चलने तथा हल्की वर्षा होने के आसार संधारित किए गए हैं।

​मौसम वैज्ञानिकों ने कड़ा निर्देश जारी करते हुए कहा है कि आंधी-तूफान की स्थिति लाइव होने पर आम नागरिक बिजली के खंभों, जर्जर मकानों और बड़े पेड़ों के नीचे शरण लेने से पूरी कड़ाई के साथ बचें, ताकि किसी भी अप्रिय विसंगति को समय रहते ब्लॉक किया जा सके।

दक्षिण-पश्चिम बिहार में पछुआ का टॉर्चर जारी, जिन जगहों पर वर्षा नहीं वहां बढ़ेगी उमस

​एक तरफ जहां सूबे के पूर्वी और उत्तरी अंचलों में बंगाल की खाड़ी से आ रही नम पूरवा हवाओं के कारण बारिश के अभेद्य समीकरण निर्मित हो रहे हैं, वहीं राज्य का दक्षिण-पश्चिम भाग इस मौसमी राहत से पूरी तरह विमुक्त संधारित रहेगा। मौसम बुलेटिन के अनुसार, रोहतास, भभुआ (कैमूर), भोजपुर, बक्सर, अरवल और औरंगाबाद जिलों में तिब्बती प्रक्षेपों से आ रही कड़क और शुष्क पछुआ हवाओं का प्रवाह निरंतर जारी रहेगा। इसके कारण इन जिलों के नागरिकों को भीषण लू (Heat Wave) और चिलचिलाती गर्मी का दंश झेलना पड़ेगा।

​इसके अतिरिक्त, मौसम विनियामकों ने एक और व्यावहारिक विरणी साझा करते हुए बताया कि शेष बिहार के जिन अंचलों में बादलों की आवाजाही के बावजूद भौतिक रूप से बारिश दर्ज नहीं हो पाएगी, वहां हवा में अत्यधिक नमी (Humidity) का स्तर बढ़ जाने के कारण लोगों को अत्यधिक उमस भरी गर्मी का सामना करना पड़ेगा। ऐसी अवस्थिति में पसीना न सूखने के कारण नागरिकों को आंशिक प्रताड़ना झेलनी पड़ सकती है।

कैमूर रहा सूबे में सबसे गर्म, सहरसा के अगवानपुर में रिकॉर्ड हुआ सबसे न्यूनतम पारा

​यदि विगत 24 घंटों के संचयी तापमान और शुष्क मौसमी विन्यासों के सांख्यिकीय आंकड़ों का मूल्यांकन करें, तो मंगलवार को राज्य के अधिकांश प्रमुख शहरों के अधिकतम और न्यूनतम पारे में आंशिक गिरावट दर्ज की गई थी, जिसके कारण मौसम मुख्य रूप से शुष्क संधारित रहा।

​विगत दिनों के आधिकारिक तापमान के रिकॉर्ड विन्यास इस प्रकार दर्ज किए गए हैं:

  • सर्वाधिक अधिकतम तापमान: सूबे का सबसे गर्म क्षेत्र भभुआ (कैमूर) दर्ज किया गया, जहां सूर्य की कड़क किरणों के कारण पारा 42.7 डिग्री सेल्सियस के उच्चतम स्तर पर संधारित रहा।
  • सबसे न्यूनतम तापमान: इसके विपरीत, उत्तर बिहार के अंतर्गत आने वाले सहरसा जिले के अगवानपुर प्रक्षेप में सबसे कम अधिकतम तापमान 25.5 डिग्री सेल्सियस भौतिक रूप से अंकित किया गया, जिससे वहां का मौसम आंशिक रूप से सुहावना बना रहा।

​भागलपुर कृषि विश्वविद्यालय के मौसम कप्तानों ने किसानों को विशेष विनिर्देश जारी करते हुए कहा है कि आंधी और तेज हवाओं की संभावना को देखते हुए खेतों में कटी पड़ी फसलों और खरीफ की अगेती तैयारियों को सुरक्षित स्थानों पर संधारित कर लें, ताकि मौसम के इस अचानक आए डाइवर्जन से किसी भी प्रकार का आर्थिक नुकसान न उठाना पड़े।

  • ये भी पढ़े..

    भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में पवन सिंह की एंट्री, बोले- “न्याय होता हुआ दिखना भी जरूरी”, उच्चस्तरीय जांच की मांग

    Share Add as a preferred…

    इंस्टाग्राम पर दो पिस्टल लहराकर बना रहा था रील, वायरल वीडियो के बाद एक्शन में आई पुलिस

    Share Add as a preferred…