
बिहार में भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए राहत की खबर है, लेकिन इसके साथ मौसम विभाग ने बड़ा अलर्ट भी जारी किया है। अगले तीन दिनों तक राज्य के कई जिलों में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदला हुआ नजर आएगा। पटना मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार 26, 27 और 28 जून के दौरान बिहार के अनेक जिलों में तेज आंधी, गरज-चमक, वज्रपात और भारी बारिश की संभावना है। कुछ इलाकों में तेज हवाएं 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से चल सकती हैं, जिससे जनजीवन प्रभावित होने की आशंका जताई गई है।
मौसम विभाग ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कई जिलों के लिए ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है। विभाग का कहना है कि बंगाल की खाड़ी से नमी युक्त हवाओं का प्रवाह और स्थानीय मौसमी गतिविधियों के कारण राज्य के अधिकांश हिस्सों में मौसम अस्थिर बना रहेगा। इसके चलते अचानक तेज बारिश, बिजली गिरने और तेज हवाओं की घटनाएं बढ़ सकती हैं।
26 जून को बिहार के दक्षिण और मध्य हिस्सों में मौसम सबसे अधिक सक्रिय रहने की संभावना जताई गई है। इस दिन बक्सर, भोजपुर, रोहतास, कैमूर, औरंगाबाद, अरवल, जहानाबाद, पटना, गया, नालंदा, शेखपुरा, नवादा, लखीसराय और बेगूसराय जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इन क्षेत्रों में भारी बारिश के साथ गरज-चमक, वज्रपात और 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने की संभावना है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि तेज हवा के कारण पेड़ गिरने, बिजली बाधित होने और कमजोर ढांचों को नुकसान पहुंचने की आशंका भी बनी रहेगी।
इसी दिन बिहार के उत्तर और पूर्वी हिस्सों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सीवान, सारण, वैशाली, मुजफ्फरपुर, शिवहर, सीतामढ़ी, दरभंगा, समस्तीपुर, मधुबनी, सुपौल, सहरसा, मधेपुरा, खगड़िया, मुंगेर, जमुई, बांका, भागलपुर, अररिया, पूर्णिया, कटिहार और किशनगंज जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। इन इलाकों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
27 जून को भी मौसम का प्रभाव कम होने के संकेत नहीं हैं। मौसम विभाग के अनुसार राज्य के कई जिलों में तेज हवा और बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सीवान, सारण, बक्सर, भोजपुर, कैमूर, रोहतास, औरंगाबाद, अरवल, जहानाबाद, पटना, गया, नालंदा, नवादा, शेखपुरा, लखीसराय, बेगूसराय, खगड़िया, मुंगेर, जमुई और बांका जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इन क्षेत्रों में तेज बारिश, बिजली चमकने और तेज हवाओं का प्रभाव देखने को मिल सकता है।
मौसम विभाग ने बताया है कि 27 जून को भी कुछ स्थानों पर हवा की रफ्तार 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। ऐसे में खुले स्थानों पर मौजूद लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। इसके अलावा सीतामढ़ी, शिवहर, मुजफ्फरपुर, वैशाली, समस्तीपुर, दरभंगा, मधुबनी, सुपौल, सहरसा, मधेपुरा, अररिया, पूर्णिया, कटिहार, किशनगंज और भागलपुर समेत कई अन्य जिलों में येलो अलर्ट रहेगा।
28 जून को भी बिहार के कई जिलों में बारिश और खराब मौसम का असर बना रहेगा। पटना, गया, नालंदा, नवादा, शेखपुरा, लखीसराय, बेगूसराय, खगड़िया, मुंगेर, जमुई, बांका, भागलपुर, वैशाली, समस्तीपुर, सहरसा और मधेपुरा समेत कई जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है। इन क्षेत्रों में गरज-चमक, तेज हवा और बारिश की संभावना बनी हुई है। कुछ स्थानों पर वज्रपात का खतरा भी बना रह सकता है।
उत्तर बिहार और सीमांचल के जिलों में भी अगले तीन दिनों तक मौसम अस्थिर रह सकता है। पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सीवान, सारण, मुजफ्फरपुर, शिवहर, सीतामढ़ी, दरभंगा, मधुबनी, सुपौल, अररिया, पूर्णिया, कटिहार और किशनगंज जिलों में लगातार बादल छाए रहने, तेज हवा चलने और रुक-रुक कर बारिश होने की संभावना है। कुछ स्थानों पर भारी वर्षा भी दर्ज की जा सकती है।
इस मौसम बदलाव का सबसे अधिक असर किसानों पर पड़ सकता है। खेतों में काम कर रहे किसानों को मौसम विभाग ने विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। वज्रपात के दौरान खुले खेतों में रहना बेहद खतरनाक हो सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि बिजली गिरने की घटनाएं अक्सर अचानक होती हैं, इसलिए मौसम खराब होते ही सुरक्षित स्थान पर चले जाना चाहिए।
शहरी क्षेत्रों में भी जलजमाव और ट्रैफिक बाधित होने की आशंका बढ़ गई है। तेज बारिश के दौरान निचले इलाकों में पानी भर सकता है, जिससे लोगों को आवाजाही में परेशानी हो सकती है। तेज हवाओं के कारण होर्डिंग, कमजोर निर्माण और पेड़ों की शाखाएं गिरने का खतरा भी बना रहेगा। प्रशासन ने स्थानीय निकायों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।
मौसम विभाग ने आम लोगों के लिए कई जरूरी सलाह भी जारी की हैं। खराब मौसम के दौरान खुले मैदान, ऊंचे पेड़, बिजली के खंभे और जलभराव वाले स्थानों से दूर रहने की सलाह दी गई है। वज्रपात के समय घर या किसी पक्के सुरक्षित भवन में रहना सबसे बेहतर माना गया है। यात्रा करने वालों को घर से निकलने से पहले मौसम अपडेट जरूर देखना चाहिए।
कुल मिलाकर बिहार में 26 से 28 जून तक मौसम काफी चुनौतीपूर्ण रहने वाला है। जहां एक ओर बारिश गर्मी से राहत दे सकती है, वहीं दूसरी ओर तेज आंधी, वज्रपात और भारी वर्षा खतरा भी बढ़ा सकती है। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने और मौसम विभाग की सलाह का पालन करने की जरूरत है ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।


