बिहार में 30 दिनों में ट्रायल खत्म, पति की हत्यारिन पत्नी को उम्रकैद; BNS के तहत सूबे का दूसरा सबसे तेज फैसला

ब्यूरो रिपोर्ट | 21 फरवरी, 2026: बिहार की न्यायपालिका ने एक बार फिर मिसाल पेश की है। जहाँ तारीखों के चक्कर में मुकदमे बरसों लटके रहते हैं, वहीं अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश मानवेंद्र मिश्र की अदालत ने महज 30 दिनों के भीतर फैसला सुनाकर इतिहास रच दिया है। अदालत ने पति मनोज राम की हत्या की दोषी पत्नी नेहा उर्फ नूरजहां को सश्रम आजीवन कारावास (उम्रकैद) की सजा सुनाई है।

​यह फैसला नए भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत राज्य का दूसरा सबसे तेज ट्रायल बनकर उभरा है।

सजा और जुर्माना: एक नजर में

 

क्या थी वारदात?

​घटना 23 जून 2025 की रात धनहा थाना क्षेत्र की है। अभियोजन पक्ष के अनुसार, पारिवारिक विवाद या अन्य कारणों से नेहा ने अपने पति मनोज पर चाकू से जानलेवा हमला किया था।

  • हमला: रात के अंधेरे में सोते हुए या अचानक हुए हमले में मनोज गंभीर रूप से घायल हो गया था।
  • बहादुरी: घायल अवस्था में ही मनोज ने अपनी मां से मदद मांगी और अस्पताल पहुँचने तक अपनी हिम्मत बनाए रखी।

‘मृत्यु पूर्व बयान’ (Dying Declaration) बना सबसे बड़ा सबूत

​इस केस में इंसाफ मिलने की सबसे बड़ी वजह मनोज का अपना बयान रहा।

    1. वीडियो एविडेंस: अस्पताल में इलाज के दौरान मनोज ने हमलावर (पत्नी) का नाम लेते हुए अपना बयान दर्ज कराया था, जिसका वीडियो भी बनाया गया।
    2. ठोस गवाही: मात्र 30 दिनों के भीतर 8 गवाहों के बयान दर्ज किए गए।
    3. अदालत की टिप्पणी: न्यायाधीश ने मनोज के ‘मृत्यु पूर्व बयान’ और वीडियो साक्ष्य को सबसे विश्वसनीय माना, जिसके कारण बचाव पक्ष के पास बचने का कोई रास्ता नहीं बचा।

​”न्याय में देरी, न्याय न मिलने के बराबर है। लेकिन 30 दिनों के भीतर आया यह फैसला अपराधियों के मन में डर और आम आदमी का कानून पर भरोसा पैदा करेगा।”

कानूनी विशेषज्ञों की राय

BNS के तहत बदल रहा है बिहार का ‘ट्रायल सिस्टम’

​नए कानूनों (BNS) के आने के बाद बिहार की विभिन्न अदालतों में स्पीडी ट्रायल के जरिए मामलों का जल्द निपटारा हो रहा है। जून 2025 की इस घटना का फरवरी 2026 में फैसला आना (और वह भी ट्रायल शुरू होने के 30 दिन में) यह दर्शाता है कि अब ‘तारीख पर तारीख’ का दौर खत्म होने की ओर है।

ब्यूरो रिपोर्ट, द वॉयस ऑफ बिहार।

  • Related Posts

    जेल से बाहर आते ही ‘सिस्टम’ का वार: रिश्वतखोरी के आरोपी पूर्व सीओ राकेश कुमार दोबारा निलंबित, गया मुख्यालय में लगानी होगी हाजिरी

    Share Add as a preferred…

    Continue reading