बिहार की सड़कों पर अब नहीं चलेगी ‘जाति’ की अकड़: वाहनों पर लिखे ‘ठाकुर’, ‘ब्राह्मण’ या ‘यादव’ तो कटेगा 2000 का चालान; परिवहन विभाग ने दिया एक महीने का अल्टीमेटम

पटना। बिहार की सड़कों पर अपनी सामाजिक पहचान और जाति का प्रदर्शन करने वाले वाहन मालिकों के लिए परिवहन विभाग ने एक कड़ा और स्पष्ट संदेश जारी किया है। अक्सर देखा जाता है कि लोग अपने वाहनों के नंबर प्लेट, पिछले शीशे या बॉडी पर बड़े-बड़े अक्षरों में अपनी जाति या उससे जुड़े स्लोगन लिखवाते हैं, जिसे अब यातायात नियमों का उल्लंघन माना जाएगा। परिवहन विभाग ने इस संबंध में एक महत्वपूर्ण चेतावनी जारी की है। विभाग ने साफ कर दिया है कि सड़कों पर चलने वाले किसी भी निजी या व्यावसायिक वाहन पर यदि कोई जाति सूचक शब्द, स्लोगन या स्टीकर लगा पाया गया, तो संबंधित वाहन मालिक के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। यह कदम सड़कों पर सामाजिक समरसता बनाए रखने और मोटर वाहन अधिनियम के कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।

30 दिनों की मोहलत: स्वेच्छा से हटा लें स्टीकर

​परिवहन विभाग ने इस नए नियम को लागू करने से पहले वाहन मालिकों को सुधार का एक मौका दिया है। विभाग द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, सभी वाहन मालिकों को एक महीने (30 दिन) की समय-सीमा दी गई है। इस अवधि के भीतर उन्हें अपने वाहनों से हर प्रकार के जाति सूचक शब्द या स्लोगन हटाने होंगे।

​विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह एक महीने की अवधि ‘ग्रेस पीरियड’ की तरह होगी, ताकि लोग बिना किसी कानूनी झमेले के खुद ही नियमों का पालन शुरू कर दें। जैसे ही यह एक महीने की अवधि समाप्त होगी, यातायात पुलिस द्वारा पूरे राज्य में एक विशेष सघन चेकिंग अभियान चलाया जाएगा, जिसमें ऐसे वाहनों को चिन्हित कर मौके पर ही जुर्माना काटा जाएगा।

कानूनी कार्रवाई और जुर्माना: जेब पर पड़ेगा भारी

​नियम का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ विभाग ने मोटर वाहन अधिनियम के तहत सख्त प्रावधान किए हैं। यदि एक महीने के बाद भी किसी वाहन पर जाति सूचक शब्द मिलता है, तो निम्नलिखित कार्रवाई की जाएगी:

  • जुर्माना राशि: उल्लंघनकर्ताओं पर 2000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा।
  • कानूनी धाराएं: यह कार्रवाई मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 177 एवं 179 के तहत की जाएगी।
  • विशेष अभियान: ट्रैफिक पुलिस को निर्देश दिया गया है कि वे केवल मुख्य सड़कों पर ही नहीं, बल्कि गलियों और छोटे इलाकों में भी ऐसे वाहनों की पहचान करें।

परिवहन विभाग की अपील: कानून का करें सम्मान

​विभाग ने सभी वाहन मालिकों से पुरजोर अपील की है कि वे कानूनी कार्रवाई और आर्थिक दंड से बचने के लिए समय रहते सचेत हो जाएं। अधिकारियों का कहना है कि वाहन केवल यातायात के साधन हैं और उन पर व्यक्तिगत पहचान या जाति का प्रदर्शन करना यातायात नियमों की भावना के विपरीत है। विभाग की इस चेतावनी के बाद अब उन लोगों में हड़कंप है जिन्होंने अपनी ‘पहचान’ के तौर पर वाहनों पर मोटे अक्षरों में जाति का नाम लिखवाया है।

​यह निर्णय बिहार में सड़क सुरक्षा और अनुशासन को एक नए स्तर पर ले जाने की कोशिश है। प्रशासन का मानना है कि इस तरह के प्रदर्शन अक्सर सड़कों पर अनावश्यक तनाव या विवाद का कारण बनते हैं। अब देखना यह होगा कि एक महीने के अल्टीमेटम के बाद बिहार की सड़कों का नजारा कितना बदलता है।

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