बिहार विधानसभा में गुरुवार को सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्रेयसी सिंह ने राज्य के डिजिटल शिक्षा प्रोजेक्ट की अहम जानकारी दी। मंत्री ने बताया कि इस वित्तीय वर्ष में राज्य के 85 प्रखंडों में डिजिटल लाइब्रेरी शुरू कर दी जाएगी। इन सभी स्थानों पर भवन और स्थल की पहचान की जा चुकी है, जबकि 158 अन्य प्रखंडों में स्थल चयन की प्रक्रिया जारी है।
मुख्यमंत्री डिजिटल लाइब्रेरी योजना का उद्देश्य
यह पहल ‘मुख्यमंत्री डिजिटल लाइब्रेरी योजना’ के तहत की जा रही है। इसका लक्ष्य छात्रों को आधुनिक तकनीक से जोड़ना और उन्हें उच्च गुणवत्ता वाले डिजिटल अध्ययन संसाधन उपलब्ध कराना है। लाइब्रेरी में हाईस्पीड इंटरनेट, कंप्यूटर सिस्टम और ई-लर्निंग सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी। इससे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के विद्यार्थी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में बेहतर लाभ उठा सकेंगे।
मॉडल लाइब्रेरी से राज्यव्यापी विस्तार
पटना स्थित बिस्कोमान भवन में पहले से राज्य स्तरीय डिजिटल लाइब्रेरी संचालित है, जिसे मंत्री ने मॉडल लाइब्रेरी बताया। इसी तर्ज पर अन्य जिलों और प्रखंडों में भी लाइब्रेरी विकसित की जाएंगी। संचालन के लिए एजेंसी चयन, मानव संसाधन और उपकरणों की खरीद प्रक्रिया चल रही है।
विधायक सुझाव और भविष्य की योजना
राजद विधायक भाई वीरेंद्र ने स्थल चयन में स्थानीय विधायकों की राय शामिल करने का सुझाव दिया। मंत्री ने कहा कि मौजूदा प्रक्रिया में बदलाव से देरी हो सकती है, लेकिन भविष्य में जनप्रतिनिधियों की सलाह पर विचार किया जाएगा।
सरकार का मानना है कि इस योजना से ग्रामीण और शहरी छात्रों के बीच संसाधनों की खाई कम होगी और बिहार की शिक्षा व्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी।


