भागलपुर, 02 सितंबर 2025: बिहार में ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता की दिशा में आज बड़ा कदम उठाया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कर कमलों से बिहार राज्य जीविका निधि साख सहकारी लिमिटेड (जीविका निधि) का शुभारंभ किया गया और इसके तहत 105 करोड़ रुपये निधि में ट्रांसफर किए गए।
कार्यक्रम की प्रमुख बातें
- शुभारंभ जिला स्तरीय लाइव प्रसारण के माध्यम से टाउन हॉल, भागलपुर में आयोजित किया गया।
- उद्घाटन के लिए उपस्थित थे: उप विकास आयुक्त प्रदीप कुमार सिंह, जिला परिषद अध्यक्ष मिथुन यादव, नगर आयुक्त शुभम कुमार, संयुक्त निदेशक जन संपर्क नागेंद्र कुमार गुप्ता।
- कार्यक्रम में भाग लिया: गोपालपुर विधायक नीरज कुमार (गोपाल मंडल) और पीरपैंती विधायक ललन कुमार।
महिलाओं को मिलेगा आर्थिक सहयोग
- बिहार में 11 लाख से अधिक जीविका स्वयं सहायता समूह (SHG) और 1 करोड़ 40 लाख से अधिक जीविका दीदियों को लाभ मिलेगा।
- भागलपुर जिले में 28,700 से अधिक स्वयं सहायता समूह से जुड़ी 3 लाख 40 हजार महिलाएं इस योजना से सीधे लाभान्वित होंगी।
- जीविका निधि के तहत महिलाओं को सस्ते ब्याज दर पर ऋण, उद्यमिता पूंजी, और वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
डिजिटल प्लेटफॉर्म और पारदर्शिता
- जीविका निधि पोर्टल के माध्यम से महिलाएं बचत, ऋण और उद्यम सहयोग तक आसानी से पहुँच पाएंगी।
- पोर्टल सामुदायिक वित्तीय संस्थानों की रीयल-टाइम मॉनिटरिंग सुनिश्चित करेगा।
- महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के साथ-साथ ग्रामीण आजीविका और आत्मनिर्भर बिहार की दिशा में यह पहल क्रांतिकारी साबित होगी।
प्रमुख विशेषताएँ
- महिलाओं द्वारा संचालित बैंकिंग प्रणाली
- समूह आधारित ऋण और बचत सुविधा
- कृषि, पशुपालन, लघु उद्यम और स्वरोजगार गतिविधियों के लिए वित्तीय सहायता
- सुलभ ब्याज दर पर ऋण प्रदान करना
- ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना
भागलपुर जिला की मानुषी देवी निदेशक मंडल में चयनित
- 12 सदस्यीय निदेशक मंडल में भागलपुर जिला के सबौर प्रखंड की मानुषी देवी चयनित।
- मानुषी देवी चिराग जीविका महिला संकुल स्तरीय संघ की अध्यक्ष और मायागंज अस्पताल में जीविका दीदी की रसोई संचालन में सक्रिय।
- अब वह अपने नेतृत्व कौशल से जीविका निधि सहकारी बैंक के प्रबंधन में योगदान देंगी।
समापन
कार्यक्रम का समापन उप विकास आयुक्त के धन्यवाद ज्ञापन से हुआ। उन्होंने कहा कि अब जीविका दीदियों को कम ब्याज दर पर तुरंत ऋण प्राप्त होगा और बैंकिंग में समय बर्बाद नहीं होगा। यह पहल महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक सार्थक कदम साबित होगी।


