बिहार SIR 2025: ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी, 1.60 लाख बीएलए सक्रिय

पटना | 2 अगस्त 2025: राज्य निर्वाचन कार्यालय द्वारा बिहार विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) 2025 के तहत 1 अगस्त को प्रारंभिक मतदाता सूची (Draft Electoral Roll) जारी कर दी गई है। यह सूची 243 विधानसभा क्षेत्रों के सभी 90,712 मतदान केंद्रों के लिए प्रकाशित की गई है। सूची को सभी 38 जिलों के डीईओ द्वारा 12 प्रमुख राजनीतिक दलों को सौंप दिया गया है।

बीएलए के जरिए शून्य दावे-आपत्तियाँ, सक्रिय नहीं दिखे राजनीतिक दल

1 अगस्त दोपहर 3 बजे से 2 अगस्त दोपहर 3 बजे तक की अवधि में 1.60 लाख बूथ लेवल एजेंट्स (BLAs) में से किसी ने भी कोई दावा या आपत्ति दाखिल नहीं की है। इससे यह सवाल उठने लगे हैं कि क्या राजनीतिक दलों ने मतदाता सूची की गहराई से समीक्षा की भी है?

BLA के ज़रिए दावे-आपत्तियों का हाल:

राजनीतिक दलबीएलए की संख्याप्राप्त दावे/आपत्तियाँनिष्पादन
भाजपा53,33800
राजद47,50600
कांग्रेस17,54900
जदयू36,55000
लोजपा (रामविलास)1,21000
अन्य~4,66000
कुल1,60,81300

18 वर्ष पूर्ण करने वाले युवाओं से मिले 3,223 फॉर्म

वहीं, 1 जुलाई से 1 अक्टूबर 2025 के बीच 18 वर्ष की आयु पूर्ण करने वाले नए मतदाताओं के लिए विशेष अभियान भी जारी है। इस अभियान में अब तक 3,223 युवाओं ने फॉर्म 6 और घोषणापत्र के साथ आवेदन दिया है। इन सभी आवेदनों का निस्तारण 7 दिन की अवधि के बाद किया जाएगा।

जनजागरूकता के लिए प्रचार अभियान जारी

चुनाव आयोग ने बिहार के मतदाताओं में जागरूकता लाने के लिए अखबारों, टीवी और सोशल मीडिया के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार शुरू किया है। साथ ही, प्रत्येक मतदाता https://voters.eci.gov.in पोर्टल पर जाकर अपना नाम जांच सकते हैं और आवश्यकता पड़ने पर नाम जोड़ने या हटाने के लिए दावा/आपत्ति दर्ज कर सकते हैं।

सभी मतदाताओं से नया फोटो जमा करने की अपील

प्रत्येक योग्य मतदाता को नया फोटो पहचान पत्र (EPIC) जारी किया जाएगा। इसके लिए सभी मतदाताओं से 1 सितंबर 2025 तक अपने BLO को नई पासपोर्ट साइज फोटो देने का अनुरोध किया गया है।

हर ब्लॉक व शहरी निकाय कार्यालय में चल रहा विशेष कैंप

1 सितंबर 2025 तक, सभी प्रखंड सह अंचल कार्यालयों एवं नगर निकाय कार्यालयों में रोजाना सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक विशेष शिविर लगाए जा रहे हैं, जहां लोग अपने दस्तावेज़ के साथ पहुंचकर दावा, आपत्ति या अपडेट करा सकते हैं।


नाम हटाने के लिए जांच और सुनवाई अनिवार्य

SIR आदेश के अनुसार, प्रारंभिक मतदाता सूची से किसी भी नाम को हटाने से पहले ERO/AERO को विधिवत जांच कर स्पीकिंग ऑर्डर देना अनिवार्य होगा, जिससे किसी मतदाता का नाम अन्यायपूर्वक न हटाया जा सके।


जहाँ नए मतदाताओं से जुड़ने की प्रक्रिया में हलचल है, वहीं राजनीतिक दलों द्वारा अब तक किसी प्रकार का दावा या आपत्ति न करना सक्रिय सहभागिता पर सवाल खड़े करता है। आगामी दिनों में यह देखा जाना दिलचस्प होगा कि क्या ये दल सूची की समीक्षा कर जनता की सहभागिता को सशक्त करते हैं या यह प्रक्रिया मात्र औपचारिकता बनकर रह जाती है।


 

 

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