HIGHLIGHTS: लालफीताशाही पर ‘अमृत’ प्रहार; निवेश के लिए बिछा ‘रेड कार्पेट’
- बड़ी पहल: मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में ‘उद्योग वार्ता’ संपन्न; 11 दिग्गज निवेशकों ने पेश किए करोड़ों के प्रस्ताव।
- AI और क्लाउड: बिहार के बिजली विभाग में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और तकनीकी सशक्तिकरण के लिए Salesforce की एंट्री।
- टिकाऊ सड़कें: सड़कों को समय से पहले जर्जर होने से बचाने के लिए नई तकनीक का ‘लाइव’ प्रदर्शन।
- साफ संदेश: मुख्य सचिव का सख्त निर्देश— “निवेशकों की राह में आने वाली हर बाधा को तुरंत दूर करें विभाग।”
📊 उद्योग वार्ता ‘फाइल’ रिकॉर्ड: कौन सी कंपनी, क्या है प्लान?
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कंपनी का नाम |
प्रमुख क्षेत्र (Sector) |
बिहार के लिए प्रस्ताव |
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AION Pvt Ltd |
AI एनालिटिक्स |
बिजली विभाग के साथ डेटा फोरकास्टिंग पर काम। |
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Zydex Industries |
इंफ्रास्ट्रक्चर |
सड़कों को समय से पहले टूटने से बचाने की उन्नत तकनीक। |
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Icon Communication |
कम्युनिकेशन/हेल्थ |
‘जीविका’ और स्वास्थ्य क्षेत्र में डाउनस्ट्रीम मॉडल। |
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Appycrown |
IT/क्लाउड |
सेल्सफोर्स कंसल्टिंग और क्लाउड-बेस्ड एप्स। |
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Riya Cabs/Quess Corp |
परिवहन एवं सर्विस |
रोजगार सृजन और लॉजिस्टिक्स सपोर्ट। |
पटना | 19 मार्च, 2026
बिहार की छवि ‘मजदूर देने वाले राज्य’ से बदलकर ‘निवेश लेने वाले राज्य’ की बनाने की दिशा में आज एक बड़ा कदम उठाया गया। पटना एयरपोर्ट के पास स्थित वायुयान संगठन निदेशालय में चली 3 घंटे की ‘उद्योग वार्ता’ में मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने निवेशकों के साथ सीधा संवाद किया। इस बैठक का मिजाज ‘फाइलें लटकाने’ वाला नहीं, बल्कि ‘रास्ते साफ करने’ वाला दिखा।
तकनीक से बदलेगी ‘जमीनी’ हकीकत
बैठक में पारंपरिक उद्योगों के बजाय भविष्य की तकनीक पर अधिक चर्चा हुई:
- सड़कों का ‘लाइव’ डेमो: जाइडेक्स इंडस्ट्रीज (Zydex) के सीओओ ने मुख्य सचिव के सामने प्रदर्शन कर दिखाया कि कैसे उनकी तकनीक बिहार की सड़कों को बाढ़ और भारी बारिश के बावजूद टूटने से बचा सकती है।
- AI से बिजली की बचत: एयॉन (AION) ने बिजली विभाग के लिए एआई एनालिटिक्स का प्रस्ताव रखा है, जिससे बिजली चोरी रोकने और मांग का सटीक अनुमान लगाने में मदद मिलेगी।
- जीविका को डिजिटल बूस्ट: आइकॉन कम्युनिकेशन ने राज्य की महिलाओं (जीविका दीदियों) को स्वास्थ्य और संचार के माध्यम से और अधिक सशक्त बनाने का ‘डाउनस्ट्रीम’ मॉडल पेश किया।
“अब बहाने नहीं, नतीजे चाहिए” — मुख्य सचिव का कड़ा रुख
वार्ता के दौरान जब कुछ निवेशकों ने प्रशासनिक देरी की शिकायत की, तो मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने मौके पर मौजूद उद्योग विभाग के सचिव कुंदन कुमार और अन्य अधिकारियों को स्पष्ट किया कि तकनीकी समस्याओं का निवारण ‘त्वरित गति’ से होना चाहिए। उन्होंने भरोसा दिलाया कि बिहार सरकार निवेशकों के लिए केवल ‘सब्सिडी’ नहीं, बल्कि एक सुरक्षित और सुगम ‘इकोसिस्टम’ तैयार कर रही है।
VOB का नजरिया: क्या ‘अमृत काल’ में बदलेगी बिहार की किस्मत?
मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत अपनी कार्यशैली के लिए जाने जाते हैं, और ‘उद्योग वार्ता’ में उनका सीधा हस्तक्षेप यह बताता है कि सरकार अब औद्योगिक विकास को लेकर गंभीर है। ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ का मानना है कि सड़कों के ‘समय से पहले जर्जर’ होने वाली समस्या बिहार का एक पुराना घाव है; अगर जाइडेक्स जैसी कंपनियों की तकनीक जमीन पर उतरती है, तो सरकारी खजाने के हजारों करोड़ बच सकते हैं। सबसे सुखद पहलू AI और क्लाउड कंप्यूटिंग का आना है, जो बिहार के युवाओं के लिए ‘घर के पास’ हाई-टेक नौकरियां पैदा करेगा। चुनौती अब विभागों के ‘निचले स्तर’ के बाबुओं की है—क्या वे मुख्य सचिव की इस रफ्तार से तालमेल बिठा पाएंगे?


