• Fri. Jul 30th, 2021

The Voice of Bihar-VOB

खबर वही जो है सही

बिहार: संजय जायसवाल ने कहा- नेहरू से मनमोहन सरकार तक में होती थी जासूसी और फोन टैपिंग

ByShailesh Kumar

Jul 22, 2021

प्रदेश भाजपा अध्यक्ष डॉ. संजय जायसवाल ने कहा है कि कांग्रेस को इतिहास याद करना चाहिए। मोदी सरकार पर फोन टेपिंग और जासूसी करवाने का आरोप लगा रही कांग्रेस यह भूल चुकी है उनका खुद का इतिहास इस तरह की साजिश रचने, जासूसी करने और सरकार गिराने की दर्जनों कहानियों से भरी पड़ी है। जवाहरलाल नेहरू से लेकर मनमोहन सिंह तक के कार्यकाल में ऐसी घटनाएं हुई है। कांग्रेस ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस के परिवार की 1948 से 1968 के बीच निगरानी करवाई थी।

बुधवार को फेसबुक पोस्ट में डॉ. जायसवाल ने कहा कि नेहरू के ही जमाने में तत्कालीन संचार मंत्री रफी अहमद किदवई ने फोन टेपिंग के आरोप लगाए थे। 1959 में सेना प्रमुख जनरल केएस थिमाया ने अपने और आर्मी ऑफिस के फोन टेप करने का मुद्दा उठाया था। इसी सरकार के मंत्री टीटी कृष्णामाचारी ने 1962 में इसी तरह का आरोप लगाया था। इसी तरह आपातकाल के दौरान विपक्षी दलों के नेताओं की जासूसी की गई और उन्हें गिरफ्तार कर जेल में डाला गया।

प्रधानमंत्री रहते हुए राजीव गांधी पर राष्ट्रपति ज्ञानी जैल सिंह का फोन टेप करने का आरोप लगा था। वहीं प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के शासनकाल में तो सारे नियमों को ताक पर रखकर फोन टैपिंग के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए गए थे। 2013 में दायर एक आरटीआई के जवाब से पता चला कि तब की यूपीए सरकार 9,000 फोन और 500 ईमेल अकाउंट्स की बारीकी से निगरानी कर रही थी। यहां तक कि इन्होंने प्रणब मुखर्जी तक को नहीं छोड़ा था। तत्कालीन गृहमंत्री पी. चिदंबरम पर जासूसी करवाने का आरोप लगाया था। इनके खुद के विधायकों की मानें तो राजस्थान में तो यह खेल अभी भी चल रहा है।