
बिहार सरकार के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने भ्रष्टाचार, लापरवाही और अनियमितताओं के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए आठ अंचल अधिकारियों और राजस्व अधिकारियों पर बड़ी कार्रवाई की है। विभागीय स्तर पर की गई इस कार्रवाई को प्रशासनिक जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने संबंधित विभागीय संचिका पर मंजूरी दे दी है। विभाग ने दोषी अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई, आरोप पत्र गठन, वेतन वृद्धि पर रोक और विशेष जांच जैसे कठोर कदम उठाने का निर्णय लिया है।
जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कार्रवाई
मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने स्पष्ट कहा कि विभाग भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के मामलों में जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रहा है। किसी भी स्तर पर गड़बड़ी या कर्तव्य में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने कहा कि आम लोगों को भूमि और राजस्व संबंधी सेवाएं पारदर्शी तरीके से उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। ऐसे में दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
एक सप्ताह में 23 अधिकारियों पर कार्रवाई
विभागीय सूत्रों के अनुसार पिछले एक सप्ताह के भीतर कुल 23 अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है। मंगलवार को आठ अधिकारियों के खिलाफ हुई कार्रवाई उसी अभियान का हिस्सा है।
सरकार का मानना है कि लगातार की जा रही कार्रवाई से विभाग में पारदर्शिता बढ़ेगी और आम लोगों को बेहतर प्रशासनिक सेवाएं मिल सकेंगी।
इन अधिकारियों पर हुई कार्रवाई
जिन अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है, उनमें विभिन्न जिलों में पदस्थापित वर्तमान और पूर्व अधिकारी शामिल हैं।
कार्रवाई की जद में आने वालों में डिहरी की तत्कालीन अंचल अधिकारी एवं वर्तमान में सेवानिवृत्त सीमा रानी शामिल हैं। इसके अलावा औरंगाबाद के तत्कालीन राजस्व अधिकारी तथा वर्तमान में इटाढ़ी अंचल अधिकारी के रूप में कार्यरत संतोष कुमार प्रीतम पर भी कार्रवाई की गई है।
बरौली के तत्कालीन राजस्व अधिकारी विजय सिंह और मोतीपुर की तत्कालीन अंचल अधिकारी रूचि कुमारी के खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई शुरू की गई है।
वरिष्ठ अधिकारियों पर भी गिरी गाज
साहेबपुरकमाल के तत्कालीन प्रभारी अंचल अधिकारी और वर्तमान में सुपौल के अपर जिला भू-अर्जन पदाधिकारी चंदन कुमार भी कार्रवाई की जद में आए हैं।
इसके अलावा बगहा-1 के अंचल अधिकारी उदय शंकर मिश्रा, रामगढ़वा के अंचल अधिकारी राजा कुमार तथा पश्चिम चंपारण में पदस्थापित राजस्व अधिकारी-सह-कानूनगो विनोद कुमार के खिलाफ भी विभाग ने कार्रवाई का आदेश दिया है।
कई प्रकार की अनुशासनात्मक कार्रवाई
विभाग द्वारा जारी जानकारी के अनुसार संबंधित अधिकारियों के खिलाफ अलग-अलग स्तर पर कार्रवाई की जा रही है। इसमें विभागीय कार्यवाही शुरू करना, आरोप पत्र गठित करना, वेतन वृद्धि पर रोक लगाना तथा विशेष जांच कराना शामिल है।
कुछ मामलों में अधिकारियों के कार्यकाल के दौरान हुई कथित अनियमितताओं की विस्तृत जांच भी कराई जाएगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे और कठोर कार्रवाई की जा सकती है।
प्रशासनिक तंत्र में जाएगा सख्त संदेश
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की इस कार्रवाई को पूरे प्रशासनिक तंत्र के लिए सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है। विभाग का मानना है कि जवाबदेही तय किए बिना भूमि और राजस्व व्यवस्था में सुधार संभव नहीं है।
विशेषज्ञों का कहना है कि भूमि विवाद, दाखिल-खारिज, जमाबंदी और राजस्व से जुड़े मामलों में पारदर्शिता लाने के लिए इस प्रकार की कार्रवाई आवश्यक है।
सरकार की ओर से साफ संकेत दिया गया है कि भ्रष्टाचार या अनियमितता में संलिप्त पाए जाने वाले किसी भी अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा और आने वाले दिनों में ऐसी कार्रवाई का दायरा और बढ़ सकता है।


