- परिवहन मंत्री श्रवण कुमार का विधान परिषद में ऐलान- सरकारी अधिकारी निजी वाहनों का व्यावसायिक उपयोग नहीं करेंगे; जांच का आदेश जारी
- VIP कल्चर पर प्रहार: गाड़ियों के शीशे पर ब्लैक फिल्म, लाल-नीली बत्ती और प्रेशर हॉर्न पर भी सख्त कार्रवाई का निर्देश
- नंबर प्लेट पर अब नहीं चलेगा ‘रौब’: नाम, फोटो या कोई भी चिन्ह लगाने पर होगी कार्रवाई
द वॉयस ऑफ बिहार (पटना)
बिहार सरकार ने अधिकारियों द्वारा वाहनों के दुरुपयोग और वीआईपी कल्चर (VIP Culture) पर नकेल कसने के लिए कड़े कदम उठाए हैं। अब राज्य के सरकारी अधिकारी निजी वाहनों (Private Vehicles) का व्यावसायिक उपयोग नहीं कर सकेंगे। गुरुवार को बिहार विधान परिषद में प्रश्नोत्तर काल के दौरान ग्रामीण विकास एवं परिवहन मंत्री श्रवण कुमार ने यह जानकारी दी।
किराये की गाड़ियों के लिए नियम पहले से तय
एमएलसी सौरभ कुमार के एक सवाल का जवाब देते हुए मंत्री ने बताया कि बिहार सरकार के विभिन्न कार्यालयों में किराये या लीज पर लिए गए वाहनों के उपयोग के लिए विभाग ने पहले ही दिशा-निर्देश जारी कर रखे हैं।
- आदेश: मंत्री ने सदन को आश्वस्त किया कि निजी वाहनों के व्यावसायिक उपयोग की जांच की जाएगी और दोषी पाए जाने पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
गाड़ियों से हटाना होगा ‘काला शीशा’ और ‘हूटर’
परिवहन मंत्री ने स्पष्ट किया कि केवल व्यावसायिक उपयोग ही नहीं, बल्कि वाहनों पर अवैध रूप से किए गए मॉडिफिकेशन पर भी सख्ती बरती जाएगी। जांच अभियान में इन चीजों पर विशेष फोकस रहेगा:
- ब्लैक फिल्म: गाड़ियों के शीशे पर ब्लैक कोटेड फिल्म (काली पन्नी) लगाना पूरी तरह प्रतिबंधित है।
- मल्टी ट्यून हॉर्न: प्रेशर हॉर्न या मल्टी ट्यून हॉर्न के इस्तेमाल पर रोक है।
- नंबर प्लेट: नंबर प्लेट पर कोई भी परिचयात्मक चिन्ह, नाम, पद या चित्र नहीं होना चाहिए।
- लाल-नीली बत्ती: अवैध रूप से वाहनों पर लाल बत्ती या नीली बत्ती के प्रयोग पर अंकुश लगाया गया है।
- चकाचौंध रोशनी: हेडलाइट से निकलने वाली चकाचौंध रोशनी और रिफ्लेक्टिव टेप (Pravartak Tape) के मानकों की भी जांच की जाएगी।


