बिहार में परिवहन विभाग ने करीब 34,000 वाहनों के पंजीकरण (रजिस्ट्रेशन) रद्द करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। ये वे वाहन हैं जिनके मालिकों पर कई ट्रैफिक चालान लंबित हैं, लेकिन अब तक उनका भुगतान नहीं किया गया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि ऐसे वाहनों का रजिस्ट्रेशन रद्द किया जा सकता है और सड़क पर पाए जाने पर पुलिस उन्हें जब्त भी कर सकती है।
पांच या उससे अधिक चालान वाले वाहन निशाने पर
जिला परिवहन कार्यालय (DTO) के अधिकारियों के अनुसार, जिन वाहनों पर कम से कम पांच चालान पहले ही कट चुके हैं और भुगतान नहीं हुआ है, उनके खिलाफ यह कार्रवाई की जा रही है। वाहन मालिकों को पहले चेतावनी दी जा चुकी है कि वे बकाया चालान जमा करें।
करीब 16,000 वाहन मालिकों को पहले ही संदेश भेजकर 20 फरवरी 2026 तक चालान जमा करने का निर्देश दिया गया था। हालांकि अब तक केवल 450 चालान ही जमा हुए हैं। शेष मामलों में सख्त कार्रवाई की तैयारी है।
जिला परिवहन अधिकारी उपेंद्र कुमार पाल ने बताया कि अतिरिक्त समय देने के बावजूद भुगतान नहीं करने वाले वाहन मालिकों के वाहनों का पंजीकरण रद्द कर दिया जाएगा।
दोपहिया वाहनों के लिए नियम
- जिन दोपहिया वाहनों पर पांच या अधिक चालान लंबित हैं, उनका पंजीकरण ब्लॉक या रद्द किया जाएगा।
- ऐसे वाहन सड़क पर पाए जाने पर पुलिस द्वारा जब्त किए जा सकते हैं।
- वाहन मालिकों को अंतिम अवसर दिया जाएगा कि वे समय रहते चालान जमा करें।
चारपहिया वाहनों के लिए नियम
- जिन चारपहिया वाहनों पर कम से कम पांच चालान बकाया हैं, उनका पंजीकरण रद्द किया जाएगा।
- बिना चालान भुगतान के सड़क पर पाए जाने पर वाहन जब्त किया जा सकता है।
- वाहन मालिकों को अंतिम चेतावनी जारी की गई है।
विभाग का उद्देश्य
परिवहन विभाग का कहना है कि इस कार्रवाई का मकसद चालान भुगतान में लापरवाही रोकना और सड़क पर चल रहे वाहनों की पंजीकरण स्थिति को व्यवस्थित करना है। सभी वाहन मालिकों को पहले ही सूचना दी जा चुकी है और पर्याप्त समय भी दिया गया है।
आने वाले दिनों में यह कार्रवाई नियमों का पालन न करने वाले वाहन मालिकों के लिए सख्त चेतावनी साबित हो सकती है। समय रहते चालान का भुगतान नहीं करने पर पंजीकरण रद्द होने के साथ वाहन जब्त होने की कार्रवाई भी की जाएगी।


