पटना। केंद्र और बिहार की सत्ता में साझेदार उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) में मचे घमासान को लेकर बिहार की राजनीति गरमा गई है। सत्ता पक्ष और विपक्ष के नेताओं के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। विपक्षी दल आरजेडी ने इस पूरे घटनाक्रम को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को कुर्सी से हटाने की साजिश करार दिया है।
बेटे को मंत्री बनाए जाने के बाद बगावत
दरअसल, आरएलएम अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा के बेटे को बिहार सरकार में मंत्री बनाए जाने के बाद पार्टी के चार में से तीन विधायकों ने बगावत का झंडा उठा लिया है। बागी विधायकों ने पार्टी नेतृत्व पर परिवारवाद का आरोप लगाते हुए खुलकर मोर्चा खोल दिया है। इसी क्रम में तीनों बागी विधायक हाल ही में बीजेपी के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष से मिले थे, जिसके बाद सियासी हलचल और तेज हो गई।
आरजेडी का बड़ा आरोप
इस मुलाकात के बाद आरजेडी ने बीजेपी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। आरजेडी प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने कहा कि बीजेपी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को सत्ता से बेदखल करने की तैयारी में है।
उन्होंने आरोप लगाया कि
“बीजेपी, उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी के तीन विधायकों को तोड़ने में लगी है। राष्ट्रीय लोक मोर्चा को कमजोर करने के बाद बीजेपी नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री पद से हटाकर अपना मुख्यमंत्री बनाने की योजना पर काम कर रही है।”
बीजेपी का पलटवार
आरजेडी के आरोपों पर बीजेपी ने पलटवार किया है। भाजपा प्रवक्ता प्रभाकर मिश्रा ने कहा कि एनडीए बिहार के विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि
“राष्ट्रीय लोक मोर्चा में जो भी हो रहा है, वह पार्टी का आंतरिक मामला है। बीजेपी का मानना है कि सभी राजनीतिक दलों को अपने कार्यकर्ताओं और जनप्रतिनिधियों की भावनाओं का सम्मान करना चाहिए।”
आरएलएम ने किया स्थिति साफ
वहीं, राष्ट्रीय लोक मोर्चा के प्रवक्ता राम पुकार सिंहा ने पार्टी में मचे घमासान पर सफाई दी। उन्होंने कहा कि पार्टी के तीनों विधायक—माधव आनंद, रामेश्वर कुमार महतो और आलोक कुमार सिंह—ने बीजेपी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नवीन से केवल शिष्टाचार मुलाकात की थी।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि
“पार्टी अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा द्वारा अपने आवास पर आयोजित लिट्टी-चोखा भोज में तीनों विधायक किसी कारणवश बाहर थे, इसलिए शामिल नहीं हो सके। पार्टी के सभी विधायक पूरी तरह एकजुट हैं।”
एनडीए में मजबूत बने रहने का दावा
आरएलएम प्रवक्ता ने दावा किया कि पार्टी राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है और एनडीए गठबंधन का सशक्त हिस्सा बनी रहेगी। उन्होंने कहा कि पार्टी में किसी भी तरह की टूट की बात निराधार है।


