बिहार पुलिस को मिले 1218 नए दारोगा, 3 ट्रांसजेंडर सब-इंस्पेक्टरों ने रचा इतिहास

बिहार पुलिस को 2023 बैच के तहत 1218 नए सब-इंस्पेक्टर मिले हैं। शनिवार को राजगीर स्थित बिहार पुलिस अकादमी में आयोजित दीक्षांत परेड समारोह में 779 पुरुष और 436 महिला प्रशिक्षु दारोगाओं ने पद की शपथ ली। इस ऐतिहासिक अवसर पर 3 ट्रांसजेंडर प्रशिक्षुओं ने भी सब-इंस्पेक्टर बनकर बिहार में समावेशी पुलिस व्यवस्था की नई मिसाल पेश की।


3 ट्रांसजेंडर बने सब-इंस्पेक्टर

2023 बैच की सबसे खास उपलब्धि यह रही कि समाज की रूढ़ियों को तोड़ते हुए बंटी कुमार, मधु कश्यप और रॉनित झा ने सब-इंस्पेक्टर के रूप में सफलता हासिल की। यह उपलब्धि न केवल बिहार बल्कि देशभर में समावेशिता और समान अवसर की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।


मीना कुमारी बनीं बेस्ट परेड कमांडर

दीक्षांत समारोह में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रशिक्षुओं को सम्मानित भी किया गया। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अंकित कुमार को पिस्टल और बैटन देकर सम्मानित किया, जबकि रूपेश कुमार को तलवार भेंट की गई।
महिला शक्ति का शानदार प्रदर्शन करते हुए बेतिया की मीना कुमारी को बेस्ट परेड कमांडर का पुरस्कार दिया गया।


खेती-बाड़ी कर मां ने पढ़ाया, बेटी बनी दारोगा

मीना कुमारी ने अपनी सफलता का श्रेय अपनी मां को दिया। उन्होंने बताया कि पिता के निधन के बाद मां ने खेती-बाड़ी कर उन्हें पढ़ाया। मीना ने कहा कि यह सफलता पूरे परिवार को समर्पित है।
मीना की मां भावुक होते हुए बोलीं कि कठिन परिस्थितियों के बावजूद बेटी को पढ़ाया और आज उसकी सफलता देखकर गर्व महसूस हो रहा है।


समाज के तानों को पीछे छोड़ बना दारोगा

सीतामढ़ी जिले के मानिक चौक निवासी ट्रांसजेंडर प्रशिक्षु रॉनित झा ने बताया कि उन्होंने पहले ही प्रयास में यह सफलता हासिल की। पटना में तैयारी के दौरान उन्हें समाज के तानों और उपेक्षा का सामना करना पड़ा, लेकिन माता-पिता और छोटे भाई के सहयोग से उन्होंने हार नहीं मानी।
रॉनित ने कहा कि पुलिस अकादमी में अधिकारियों और प्रशिक्षकों का उन्हें पूरा सहयोग मिला।


भावुक हुए प्रशिक्षु दारोगा मनीष कुमार

प्रशिक्षु दारोगा मनीष कुमार अपनी संघर्ष की कहानी बताते हुए भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि इस सफलता में माता-पिता के साथ उनकी पत्नी का भी बड़ा योगदान रहा। तैयारी के दौरान उनकी पत्नी गर्भवती थीं और आर्थिक व पारिवारिक चुनौतियां भी थीं, लेकिन उन्होंने संघर्ष जारी रखा।


कठिन प्रशिक्षण के बाद मिली सफलता

खगड़िया के किसान पुत्र पंकज कुमार और छपरा के सन्नी कुमार ने बताया कि एक साल की कठिन ट्रेनिंग आसान नहीं थी। सुबह 4 बजे उठना, ठंड और बारिश में अभ्यास करना बड़ी चुनौती थी। सन्नी कुमार ने कहा कि पुलिस जनता की शासक नहीं बल्कि सेवक होती है और इस भावना के साथ वे अपनी जिम्मेदारी निभाएंगे।


मुख्यमंत्री ने परेड का किया निरीक्षण

दीक्षांत परेड समारोह में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। उनके साथ उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, मंत्री विजय चौधरी और श्रवण कुमार भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने मंत्रियों के साथ पासिंग आउट परेड का निरीक्षण किया और प्रशिक्षु दारोगाओं से सलामी ली।


 

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