पटना। बिहार पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) ने साइबर अपराध के बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है। यह गिरोह उत्तर प्रदेश के वाराणसी से लेकर बिहार के पूर्णिया और बायसी तक सिम बॉक्स के माध्यम से ऑनलाइन ठगी की घटनाओं को अंजाम दे रहा था।
ईओयू की अलग-अलग टीमों ने इस मामले में तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार अपराधियों में रोसड़ा (समस्तीपुर) के चंद्रबली सिंह, हसनपुर (समस्तीपुर) के मुन्ना कुमार और बायसी चिरैया के काशिफ शेख शामिल हैं। इनमें से मुन्ना कुमार पीओएस (प्वाइंट ऑफ सेल) संचालक के तौर पर सक्रिय था।
ईओयू के अधिकारियों ने बताया कि गिरोह के मास्टरमाइंड अंजनी कुमार (रोसड़ा, समस्तीपुर) अभी भी फरार है। आरोपियों के पास से जब्त दो सिम बॉक्स के जरिए प्रतिमाह लगभग 1.2 लाख फर्जी कॉल की जा रही थीं, जिनसे लोगों को ठगी के माध्यम से आर्थिक नुकसान पहुंचाया जा रहा था।
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और फरार मास्टरमाइंड को पकड़ने के लिए टीमों को सक्रिय किया गया है। इस कार्रवाई से राज्य में साइबर अपराध पर अंकुश लगाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।


