पटना। कुख्यात अपराधी शेरू सिंह की पत्नी लकी सिंह ने अपने पति की जान को खतरा बताते हुए सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखा है। उन्होंने आरोप लगाया है कि बिहार पुलिस, विशेष रूप से एडीजी (अभियान) कुंदन कृष्ण, शेरू सिंह को फर्जी मुठभेड़ में मारने की साजिश रच रही है।
इनकाउंटर की आशंका जताई
लकी सिंह ने पत्र में लिखा है कि पारस अस्पताल हत्याकांड में आरोपी बनाए गए उनके पति शेरू सिंह को झूठा फंसाया गया है और अब पुलिस उन्हें ट्रांजिट रिमांड के दौरान रास्ते में ही मार सकती है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से अनुरोध किया है कि शेरू सिंह को बिहार पुलिस को न सौंपा जाए और रिमांड पर रोक लगाई जाए।
झूठे फंसाने का आरोप
लकी सिंह का कहना है कि शेरू सिंह 2012 से अलग-अलग जेलों में बंद हैं, और इस समय पश्चिम बंगाल के पुरुलिया जेल में 31 अक्टूबर 2023 से कैद हैं। बावजूद इसके, बिहार पुलिस ने हत्या की साजिश में उनका नाम घसीटा है। पत्र में यह भी दावा किया गया है कि पुलिस ने मामले के अन्य आरोपियों पर दबाव डालकर जबरन शेरू सिंह का नाम उगलवाया है।
पारस अस्पताल हत्याकांड से जुड़ा मामला
गौरतलब है कि पटना के पारस अस्पताल में अपराधी चंदन मिश्रा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मामले में पुलिस ने शेरू सिंह को मुख्य साजिशकर्ता बताया है। बताया जाता है कि चंदन मिश्रा और शेरू सिंह पहले अच्छे दोस्त थे, लेकिन बाद में उनके बीच दूरी आ गई। दोनों बक्सर जिले के पड़ोसी गांवों—सोनवर्षा (चंदन का गांव) और दुल्लहपुर (शेरू का गांव)—से आते हैं।
पहले दो शूटरों पर हो चुकी है गोलीबारी
लकी सिंह की आशंका को इस तथ्य से बल मिलता है कि इस केस में शामिल दो शूटरों को पुलिस पहले ही गोली मार चुकी है। इसी कारण उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का रुख करते हुए शेरू सिंह की हिरासत के दौरान हत्या की आशंका जताई है।


