
पटना: बिहार सरकार ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और जीविका दीदियों के उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने के लिए बड़ा ऐलान किया है। ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने विधानसभा में घोषणा की कि राज्य की सभी पंचायतों में हाट विकसित किए जाएंगे, जबकि जिला और प्रखंड स्तर पर मार्ट स्थापित किए जाएंगे। इससे स्थानीय उत्पादों की बिक्री बढ़ेगी और ग्रामीण उद्यमियों को नए बाजार मिलेंगे।
जीविका उत्पादों को मिलेगा बड़ा मंच
ग्रामीण विकास मंत्री ने कहा कि हाट और मार्ट बनने से जीविका दीदियों द्वारा तैयार उत्पादों की बिक्री आसान होगी। इससे उन्हें स्थानीय स्तर के साथ-साथ बड़े बाजार तक पहुंच मिलेगी। वहीं आम लोगों को भी एक ही स्थान पर बेहतर और गुणवत्तापूर्ण स्थानीय उत्पाद उपलब्ध हो सकेंगे।
उन्होंने बताया कि सरकार पर्यटन स्थलों पर भी जीविका उत्पादों की बिक्री को बढ़ावा देने की योजना पर काम कर रही है। बोधगया, नालंदा, वैशाली, राजगीर, पावापुरी, रोहतास और बक्सर जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों पर भी जीविका उत्पादों के विपणन का प्रस्ताव है।
तकनीक से होगी निगरानी, फर्जीवाड़े पर लगेगी रोक
श्रवण कुमार ने कहा कि वीबी-जी रामजी योजना के तहत तकनीकी हस्तक्षेप को अनिवार्य बनाया जा रहा है, जिससे योजनाओं की पारदर्शी निगरानी सुनिश्चित होगी। इसके तहत डिजिटल डैशबोर्ड, बायोमेट्रिक सत्यापन, जीपीएस ट्रैकिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसी तकनीकों का उपयोग किया जाएगा। उनका कहना था कि इससे फर्जीवाड़े पर रोक लगेगी और योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन सुनिश्चित होगा।
अनुपूरक बजट को मिली मंजूरी
विधानसभा ने 87,383 करोड़ रुपये के प्रथम अनुपूरक बजट को मंजूरी दे दी। सरकार के अनुसार, इसमें विभिन्न विकास योजनाओं के लिए अतिरिक्त राशि का प्रावधान किया गया है। बजट में वीबी-जी रामजी, सड़क एवं पुल निर्माण, राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा), मुख्यमंत्री आंगनबाड़ी पोषण 2.0, पंचायती राज संस्थाओं, मध्याह्न भोजन योजना, मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल तथा मुख्यमंत्री ग्राम सड़क उन्नयन जैसी योजनाओं के लिए राशि का प्रावधान किया गया है।
सरकार ने विपक्ष के आरोपों का दिया जवाब
उपमुख्यमंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव ने विपक्ष के सरकारी खजाना खाली होने के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि तकनीकी कारणों से कुछ विभागों में भुगतान प्रभावित हुआ था, लेकिन सभी लंबित भुगतान किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि राज्य की वित्तीय स्थिति मजबूत है और विकास योजनाओं के लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध हैं।
मंत्री ने यह भी बताया कि राज्य में जीविका से जुड़ी लाखों महिलाएं स्वरोजगार और उद्यमिता के माध्यम से आत्मनिर्भर बन रही हैं तथा जीविका समूहों द्वारा गठित उत्पादक कंपनियां ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती दे रही हैं।


