बिहार पंचायत चुनाव: तय समय पर बजेगा बिगुल; नया आरक्षण रोस्टर और हाई-टेक सुरक्षा का बड़ा ऐलान

सासाराम/रोहतास | 22 फरवरी, 2026: बिहार में आगामी पंचायत चुनावों को लेकर जारी कयासों पर विराम लगाते हुए पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश ने रविवार को बड़ी घोषणा की है। सासाराम दौरे पर पहुंचे मंत्री ने स्पष्ट किया कि पंचायत चुनाव अपने निर्धारित समय पर ही संपन्न कराए जाएंगे। इस बार के चुनावों में न केवल नया आरक्षण रोस्टर लागू होगा, बल्कि धांधली रोकने के लिए हाई-टेक तकनीक का भी सहारा लिया जाएगा।

​नया आरक्षण रोस्टर: उम्मीदवारों में बढ़ी हलचल

​मंत्री दीपक प्रकाश ने बताया कि इस बार चुनाव में नया आरक्षण रोस्टर लागू किया जाएगा। इस घोषणा के बाद से ही संभावित उम्मीदवारों के बीच हलचल तेज हो गई है।

  • उद्देश्य: आरक्षण रोस्टर में बदलाव का मुख्य उद्देश्य समाज के हर वर्ग को उचित प्रतिनिधित्व देना और पंचायती राज व्यवस्था को और अधिक समावेशी बनाना है।
  • पारदर्शिता: रोस्टर तैयार करने की प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी रखा जाएगा ताकि किसी भी प्रकार के पक्षपात की गुंजाइश न रहे।

​फर्जी वोटिंग पर लगेगी ‘तकनीकी’ लगाम

​चुनाव की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए सरकार इस बार नई तकनीक का इस्तेमाल करने जा रही है। मंत्री ने कहा:

  1. फर्जी वोटिंग पर रोक: मतदान के दौरान होने वाली गड़बड़ियों को रोकने के लिए आधुनिक बायोमेट्रिक या अन्य सत्यापन तकनीकों पर विचार किया जा रहा है।
  2. भ्रांतियों का अंत: मतगणना (Counting) के दौरान अक्सर होने वाले विवादों और भ्रांतियों को दूर करने के लिए मतगणना की प्रक्रिया को और अधिक सरल और स्पष्ट बनाया जाएगा।

​”निर्धारित समय पर ही होंगे चुनाव”

​सासाराम में विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सा लेते हुए दीपक प्रकाश ने कहा कि सरकार पंचायत चुनाव को सरल और पारदर्शी बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने स्थानीय प्रशासन को भी निर्देश दिया कि वे जमीनी स्तर पर चुनाव की तैयारियों का जायजा लेना शुरू कर दें।

मंत्री का संदेश: “आम लोगों का विश्वास चुनाव प्रक्रिया पर बना रहे, यह हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। हम चाहते हैं कि बिहार की पंचायतों में नेतृत्व चयन की प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष और भयमुक्त हो।”

​द वॉयस ऑफ बिहार का विश्लेषण

​पंचायत चुनाव बिहार की राजनीति की बुनियाद माने जाते हैं। समय पर चुनाव कराने की घोषणा और नए रोस्टर के ऐलान ने उन अटकलों को खत्म कर दिया है जिनमें चुनावों के टलने की बात कही जा रही थी। अब सबकी नजरें राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी होने वाली आधिकारिक अधिसूचना पर टिकी हैं।

ब्यूरो रिपोर्ट, द वॉयस ऑफ बिहार।

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