नई दिल्ली | 22 फरवरी, 2026: बिहार अब केवल अपनी सांस्कृतिक विरासत के लिए ही नहीं, बल्कि अत्याधुनिक तकनीक और नवाचार (Innovation) के लिए भी वैश्विक पटल पर पहचान बना रहा है। नई दिल्ली के प्रगति मैदान स्थित भारत मंडपम में आयोजित ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026’ में बिहार पैवेलियन टेक विशेषज्ञों और वैश्विक निवेशकों के बीच आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) के माध्यम से बिहार ने विकास की जो झलक पेश की है, उसने दुनिया भर के दिग्गजों को चकित कर दिया है।
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने थपथपाई बिहार की पीठ
समिट के समापन अवसर पर शनिवार को केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने बिहार पैवेलियन का भ्रमण किया। उन्होंने राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा प्रदर्शित एआई-सक्षम चुनावी नवाचारों की विशेष रूप से सराहना की।
- चुनावी सुधार: बिहार ने सुरक्षित ई-वोटिंग समाधान और नागरिक-केंद्रित मोबाइल अनुप्रयोगों का प्रदर्शन किया।
- मंत्री का बयान: श्री वैष्णव ने कहा कि बिहार की ये डिजिटल पहलें लोकतंत्र को सशक्त और पारदर्शी बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम हैं, जो सुशासन के प्रति राज्य की प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं।
टाइगर एनालिटिक्स के साथ एमओयू और वैश्विक साझेदारी
बिहार के नवगछिया के मूल निवासी और वर्तमान में कैलिफोर्निया (अमेरिका) में कार्यरत महेश ने समिट में बिहार की एआई क्षमता पर चर्चा की। उल्लेखनीय है कि बिहार सरकार ने हाल ही में महेश की कंपनी ‘टाइगर एनालिटिक्स’ के साथ एक एमओयू (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। महेश के अनुसार, बिहार अब कृषि, स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में एआई के माध्यम से एक बड़े बदलाव की ओर बढ़ चुका है।
बिहार के किसान बनेंगे ‘स्मार्ट’: कृषि में एआई का उपयोग
बिहार अब पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर “स्मार्ट खेती” की ओर अग्रसर है।
- डिजिटल सलाहकार: सेंसर और सैटेलाइट डेटा के माध्यम से किसान मिट्टी की नमी और पोषक तत्वों की रीयल-टाइम निगरानी कर सकेंगे।
- किसान ई-मित्र: इस एआई चैटबॉट और मोबाइल ऐप के जरिए किसान केवल फोटो खींचकर फसल की बीमारियों का समाधान प्राप्त कर रहे हैं।
- सटीक पूर्वानुमान: एआई मॉडल मौसम की सटीक जानकारी और बाजार भाव का पूर्वानुमान बताकर किसानों की आय बढ़ाने में मदद कर रहे हैं।
स्वास्थ्य और शिक्षा: हर दरवाजे तक पहुंचेगी आधुनिक सुविधा
- त्वरित इलाज: एआई के जरिए एक्स-रे और सीटी स्कैन का कुछ ही क्षणों में विश्लेषण कर टीबी और फेफड़ों के कैंसर जैसी बीमारियों का पता लगाया जा रहा है।
- ग्रामीण स्वास्थ्य: एआई संचालित स्टेथोस्कोप और थर्मल इमेजिंग से दूरदराज के इलाकों में भी हृदय रोग और ब्रेस्ट कैंसर की शुरुआती जांच संभव हो रही है।
- छात्रों का कौशल विकास: शिक्षा के क्षेत्र में बिहार के इंजीनियरिंग और पॉलिटेक्निक संस्थानों के 10 से 20 हजार छात्रों को एआई में दक्ष बनाया जाएगा, ताकि वे भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार हो सकें।
आकर्षण का केंद्र: बहुभाषी रोबोट और आधुनिक स्वच्छता प्रणाली
बिहार पैवेलियन में मौजूद एक बहुभाषी रोबोट सभी का ध्यान खींच रहा है। यह रोबोट दुनिया की किसी भी भाषा में बात कर सकता है और रेलवे स्टेशनों या होटलों में रिसेप्शनिस्ट का काम करने में सक्षम है। इसके अतिरिक्त, एआई आधारित ऐसे संसाधन भी प्रदर्शित किए गए हैं जो बिना मानव बल के बड़े नालों की सफाई और कचरा प्रबंधन करने में सक्षम हैं।
लोकतंत्र का आधुनिकीकरण और निष्पक्ष मतगणना
निर्वाचन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, एआई के इस्तेमाल से मतगणना प्रक्रिया पर लगने वाले आरोपों से मुक्ति मिलेगी।
- पारदर्शी मतगणना: एआई के जरिए मतगणना केंद्र के भीतर की जानकारी बाहर खड़े लोग देख सकेंगे, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी।
- निगरानी: मतदान केंद्रों पर सुरक्षा और किसी भी प्रकार की विसंगति को पकड़ने के लिए एआई आधारित सर्विलांस का उपयोग किया जाएगा।


