बिहार में बाल श्रम उन्मूलन की नई रणनीति-2025 का शुभारंभ, बचपन की सुरक्षा के लिए मील का पत्थर

पटना, 25 सितंबर 2025: बिहार राज्य बाल श्रमिक आयोग ने गुरुवार को “बाल एवं किशोर श्रम उन्मूलन के लिए राज्य रणनीति एवं कार्ययोजना-2025” का शुभारंभ किया। आयोग के अध्यक्ष अशोक कुमार ने कहा कि बच्चे किसी भी राष्ट्र की धरोहर और भविष्य की नींव हैं। बालश्रम उनके शिक्षा, स्वास्थ्य और बचपन पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है। इस नई रणनीति से बालश्रम मुक्त बिहार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया जाएगा।

कार्यक्रम में आयोग के उपाध्यक्ष अरविंद कुमार सिंह, श्रम संसाधन विभाग के सचिव दीपक आनन्द, श्रमायुक्त राजेश भारती, संयुक्त श्रमायुक्त विजय कुमार और यूनिसेफ बिहार के बाल संरक्षक विशेषज्ञ बंकू बिहारी सरकार शामिल हुए।

उपाध्यक्ष अरविंद कुमार सिंह ने कहा कि गरीबी, अशिक्षा और असमानता बालश्रम की जड़ हैं। इस रणनीति के तहत विभिन्न विभागों की जिम्मेदारियां स्पष्ट की गई हैं, ताकि बच्चों के लिए बेहतर अवसर और पुनर्वास की प्रक्रिया मजबूत हो।

श्रम संसाधन विभाग के सचिव दीपक आनन्द ने कहा कि बाल श्रम केवल कानूनी मुद्दा नहीं, बल्कि सामाजिक चेतना और न्याय का विषय है। वर्ष 2009 और 2017 की कार्ययोजनाओं से अनुभव लेकर 2025 की रणनीति और अधिक व्यापक और अद्यतन बनाई गई है। इसमें रेलवे, सशस्त्र सीमा बल, परिवहन विभाग और विधिक सेवा प्राधिकरणों को भी शामिल किया गया है।

कार्यक्रम में यह सहमति बनी कि बाल श्रम उन्मूलन के लिए केवल कानून नहीं, बल्कि सामाजिक जागरूकता, शिक्षा की पहुंच और पुनर्वास की ठोस व्यवस्था सभी हितधारकों की साझा जिम्मेदारी आवश्यक है। इस रणनीति और कार्ययोजना से बिहार को बाल श्रम मुक्त राज्य बनाने की दिशा में निर्णायक और दूरगामी कदम मिलेगा।

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