बड़ा खतरा: सभी सिविल सर्जन और मेडिकल कॉलेजों को पत्र जारी; पक्षियों की मौत की होगी डेली रिपोर्टिंग, रैपिड रिस्पांस टीम करेगी मॉनिटरिंग
वॉइस ऑफ बिहार (भागलपुर/पटना)
भागलपुर और दरभंगा में बर्ड फ्लू (Avian Influenza) के मामले सामने आने के बाद पूरे बिहार में दहशत का माहौल है। खतरे की गंभीरता को देखते हुए राज्य स्वास्थ्य विभाग ने पूरे प्रदेश में हाई अलर्ट जारी कर दिया है। विभाग ने सभी जिलों के सिविल सर्जन (CS) और मेडिकल कॉलेजों के अधीक्षकों को पत्र लिखकर तत्काल एहतियाती कदम उठाने के सख्त निर्देश दिए हैं।
स्वास्थ्य विभाग का ‘एक्शन प्लान’
बर्ड फ्लू के संक्रमण को इंसानों और अन्य पक्षियों में फैलने से रोकने के लिए युद्धस्तर पर तैयारी शुरू कर दी गई है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी पत्र में निम्नलिखित निर्देश दिए गए हैं:
- तत्काल बैठक: सभी जिलों में ‘डिस्ट्रिक्ट जूनॉटिक कमेटी’ (District Zoonotic Committee) की अविलंब बैठक बुलाई जाए।
- रैपिड रिस्पांस टीम (RRT): सिविल सर्जन की अध्यक्षता में जिला और प्रखंड स्तरीय रैपिड रिस्पांस टीम की बैठक हो। इसमें पशुपालन और मत्स्य कल्याण विभाग के अधिकारियों को भी शामिल कर एक संयुक्त एक्शन प्लान तैयार किया जाए।
- ग्राउंड लेवल मॉनिटरिंग: इस एक्शन प्लान में एएनएम (ANM) और अन्य जमीनी स्वास्थ्य कर्मियों को भी शामिल किया जाए ताकि ग्रामीण स्तर पर निगरानी रखी जा सके।
इन लक्षणों पर रहेगी पैनी नजर
बर्ड फ्लू के लक्षण आम फ्लू जैसे ही होते हैं, इसलिए स्वास्थ्य विभाग ने अस्पतालों और क्लीनिकों को विशेष सतर्कता बरतने को कहा है:
- पक्षियों की मौत: किसी भी इलाके में पक्षियों (मुर्गे-मुर्गियां, कौवे या प्रवासी पक्षी) की असामान्य मौत होने पर उसकी ‘डेली रिपोर्टिंग’ (हर दिन की सूचना) अनिवार्य कर दी गई है।
- मरीजों की स्क्रीनिंग: यदि किसी मरीज को दो हफ्ते से अधिक समय से लगातार बुखार और खांसी की शिकायत है, तो उसकी तुरंत ‘इन्फ्लूएंजा’ और ‘एक्यूट रेस्पिरेटरी इलनेस’ (Acute Respiratory Illness) की जांच कराई जाए।
भागलपुर सहित सभी प्रभावित और संवेदनशील जिलों में प्रशासन ने मुर्गा मंडियों और पोल्ट्री फार्मों पर भी निगरानी बढ़ा दी है। आम लोगों से अपील की जा रही है कि वे मृत पक्षियों के सीधे संपर्क में आने से बचें और पूरी तरह से पका हुआ मांस या अंडा ही खाएं।


