ग्लोबल कैपिबिलिटी सेंटर के लिए तैयार है बिहार

बिहार में आईटी क्षेत्र में बड़े निवेश की संभावनाएं तेजी से बढ़ रही हैं। बिहार आईटी नीति 2024 के लागू होने के बाद निवेशकों की दिलचस्पी राज्य की ओर बढ़ी है, जिससे सूचना प्रौद्योगिकी विभाग ने ग्लोबल कैपिबिलिटी सेंटर (GCC) सेक्टर के लिए विशेष नीति बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

बिहार GCC नीति के लिए बन रहा मसौदा, निवेशकों को मिलेगा खास इंसेंटिव

राज्य सरकार GCC नीति में मिलने वाले इंसेंटिव्स को लेकर एक विस्तृत मसौदा तैयार कर रही है। इसे उद्योग जगत की जरूरतों के अनुरूप विकसित करने के लिए संबंधित हितधारकों के साथ विचार-विमर्श किया जाएगा। साथ ही, नीति को और प्रभावी बनाने के लिए इंडस्ट्री विजिट की योजना भी बनाई जा रही है, ताकि अन्य राज्यों और वैश्विक स्तर पर अपनाए गए सर्वोत्तम मॉडलों का अध्ययन किया जा सके।

टीयर-2 शहरों को विकास का केंद्र बनाने की दिशा में बढ़ा बिहार

हाल ही में 13-15 दिसंबर, 2024 को नई दिल्ली में हुए मुख्य सचिवों के राष्ट्रीय सम्मेलन में टीयर-2 शहरों को आर्थिक विकास के केंद्रबिंदु में लाने पर चर्चा हुई थी। इसमें ग्लोबल कैपिबिलिटी सेंटर (GCC) को विकसित करने पर गहन विचार-विमर्श हुआ, जिससे स्पष्ट संकेत मिले कि बिहार अब इस दिशा में ठोस कदम बढ़ा रहा है।

GCC से बिहार के युवाओं को मिलेगा सुनहरा अवसर

ग्लोबल कैपिबिलिटी सेंटर एक रणनीतिक इकाई होती है, जो प्रौद्योगिकी, प्रतिभा और नवाचार के जरिए वैश्विक कंपनियों के परिचालन को अधिक कुशल और लागत प्रभावी बनाने में मदद करती है। भारत में इस समय लगभग 1700 GCC केंद्र कार्यरत हैं, जिनमें से 400 केंद्र केवल पिछले पांच वर्षों में स्थापित किए गए हैं। अब बिहार भी इस क्षेत्र में कदम रखने के लिए तैयार है, जिससे राज्य के युवाओं को अत्याधुनिक टेक्नोलॉजी और वैश्विक स्तर पर रोजगार के बेहतरीन अवसर मिलेंगे।

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