पटना/बिहार | 23 फरवरी, 2026: बिहार सरकार ने राज्य के सभी नगर निकाय क्षेत्रों में मांस और मछली के अवैध कारोबार के खिलाफ बड़े एक्शन की तैयारी कर ली है। अब बिना लाइसेंस (अनुज्ञप्ति) के चल रही दुकानों और स्वच्छता मानकों की अनदेखी करने वाले दुकानदारों की खैर नहीं होगी। सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि नियमों का उल्लंघन करने वाली ऐसी तमाम दुकानों को तत्काल प्रभाव से बंद कराया जाएगा।
सदन में घोषणा के बाद अब धरातल पर एक्शन
हाल ही में बिहार विधानसभा सदन में उपमुख्यमंत्री सह नगर विकास मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने अवैध मांस-मछली दुकानों पर कड़ी कार्रवाई करने की घोषणा की थी। इस घोषणा को अब अमलीजामा पहनाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
सचिव का सख्त फरमान: अधिकारियों को मिला निर्देश
नगर विकास एवं आवास विभाग के सचिव विनय कुमार ने शनिवार को राज्य के सभी नगर निकायों के लिए आधिकारिक पत्र जारी कर दिया है। इस आदेश के तहत निम्नलिखित अधिकारियों को कार्रवाई की जिम्मेदारी सौंपी गई है:
- नगर निगम: सभी नगर निगम आयुक्तों को अपने क्षेत्र में सघन जांच का निर्देश दिया गया है।
- नगर परिषद एवं पंचायत: सभी कार्यपालक पदाधिकारियों को अवैध दुकानों को चिन्हित कर बंद कराने को कहा गया है।
इन दो आधारों पर होगी कार्रवाई
विभाग ने मुख्य रूप से दो बिंदुओं पर कड़ा रुख अपनाया है:
- बिना लाइसेंस वाली दुकानें: जिन दुकानों के पास नगर निकाय से प्राप्त वैध अनुज्ञप्ति (License) नहीं है, उन्हें संचालन की अनुमति नहीं दी जाएगी।
- स्वच्छता मानकों की अनदेखी: लाइसेंस होने के बावजूद यदि कोई दुकान साफ-सफाई के तय मानकों का पालन नहीं करती है, तो उस पर भी ताला लटकना तय है।
आम जनता के स्वास्थ्य पर फोकस
सरकार के इस कदम का उद्देश्य शहरी क्षेत्रों में स्वच्छता बनाए रखना और नागरिकों को स्वच्छ व सुरक्षित खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराना है। अवैध रूप से सड़क किनारे या रिहायशी इलाकों में चल रही दुकानों से होने वाली गंदगी और बीमारियों के खतरे को देखते हुए यह सख्त निर्णय लिया गया है।
ब्यूरो रिपोर्ट, द वॉयस ऑफ बिहार।


