प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना और मुख्यमंत्री प्रतिज्ञा योजना पर कार्यशाला का आयोजन
पटना, 12 अगस्त —उद्योग विभाग, बिहार की ओर से मंगलवार को विकास भवन के सभाकक्ष में प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना और मुख्यमंत्री प्रतिज्ञा योजना पर एक दिवसीय कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया।
कार्यशाला में युवाओं को उद्योग-तैयार कार्यबल के रूप में विकसित करने, रोजगार के नए अवसर सृजित करने और राज्य की औद्योगिक क्षमता को सशक्त बनाने पर विस्तृत चर्चा हुई।
औद्योगिक उड़ान के लिए तैयार बिहार
इस अवसर पर उद्योग मंत्री नीतीश मिश्रा ने कहा—
“बिहार अब औद्योगिक उड़ान भरने के लिए पूरी तरह तैयार है। मुख्यमंत्री प्रतिज्ञा योजना राज्य को राष्ट्रीय औद्योगिक मानचित्र पर सशक्त पहचान दिलाएगी। इस पहल से बड़े पैमाने पर रोजगार सृजित होंगे और एक दक्ष कार्यबल तैयार होगा। विकसित बिहार के साथ विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा जब सभी इसमें अपना योगदान दें।”
प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इस योजना को मंजूरी दी है।
- पहली बार नौकरी करने वाले कर्मचारियों को एक महीने का वेतन (₹15,000 तक) मिलेगा।
- नियोक्ताओं को 2 वर्ष के लिए प्रोत्साहन, और विनिर्माण क्षेत्र में 4 वर्ष तक लाभ।
- लक्ष्य: रोजगार सृजन, रोजगार क्षमता में वृद्धि और सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करना।
मुख्यमंत्री प्रतिज्ञा योजना
श्रम संसाधन विभाग की यह योजना 12वीं पास प्रशिक्षित या प्रमाणित युवाओं को इंटर्नशिप का अवसर देती है, साथ ही स्टायपेंड भी।
स्टायपेंड दरें:
- 12वीं पास: ₹4,000 प्रति माह
- ITI/डिप्लोमा पास: ₹5,000 प्रति माह
- स्नातक/परास्नातक: ₹6,000 प्रति माह
अन्य लाभ:
- गृह जिले से बाहर (बिहार में) इंटर्नशिप: पहले 3 माह तक ₹2,000 अतिरिक्त निर्वाह भत्ता।
- बिहार से बाहर इंटर्नशिप: पूरी अवधि के लिए ₹5,000 प्रतिमाह निर्वाह भत्ता।
- अवधि: न्यूनतम 3 माह से अधिकतम 12 माह।
- प्रशिक्षण का कम से कम 50% हिस्सा व्यावहारिक होगा।
पात्रता:
- बिहार का स्थायी निवासी
- आयु: 18–28 वर्ष
- न्यूनतम योग्यता: 12वीं उत्तीर्ण


