बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) द्वारा आयोजित इंटरमीडिएट वार्षिक परीक्षा 2026 का आज से शुभारंभ हो गया है। राज्यभर के परीक्षा केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी के बीच परीक्षा संचालित की जा रही है। पहले दिन पहली पाली में बायोलॉजी और फिलॉसफी, जबकि दूसरी पाली में इकोनॉमिक्स विषय की परीक्षा आयोजित की गई।
बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा को शांतिपूर्ण और कदाचारमुक्त संपन्न कराने के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं।
आधा घंटा पहले बंद हो रहा मुख्य गेट
बोर्ड अध्यक्ष आनंद किशोर ने बताया कि परीक्षा शुरू होने से 30 मिनट पहले परीक्षा केंद्र का मुख्य द्वार बंद कर दिया जाएगा। सभी अभ्यर्थियों को निर्देश दिया गया है कि वे परीक्षा से कम से कम एक घंटा पहले केंद्र पर पहुंचें।
“विलंब से पहुंचने वाले परीक्षार्थियों को किसी भी स्थिति में प्रवेश नहीं मिलेगा। जबरन प्रवेश की कोशिश करने वालों को अगले दो वर्षों के लिए बोर्ड परीक्षा से वंचित किया जाएगा।” – आनंद किशोर, अध्यक्ष, बीएसईबी
1762 केंद्रों पर हो रही परीक्षा
इंटर परीक्षा के लिए राज्यभर में कुल 1762 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। जिला पदाधिकारी और पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिया गया है कि वे परीक्षा अवधि में केंद्रों का नियमित निरीक्षण करें और विधि-व्यवस्था सुनिश्चित करें।
13.17 लाख परीक्षार्थी दे रहे परीक्षा
इस वर्ष परीक्षा में कुल 13,17,846 परीक्षार्थी शामिल हो रहे हैं, जिनमें—
- 6,75,844 छात्राएं
- 6,42,002 छात्र
पटना जिले में 73,963 परीक्षार्थियों के लिए 84 केंद्र बनाए गए हैं। बोर्ड के अनुसार इस बार छात्राओं की संख्या अधिक होना राज्य सरकार की शैक्षणिक योजनाओं की सफलता को दर्शाता है।
हर जिले में बने मॉडल परीक्षा केंद्र
परीक्षा को आदर्श स्वरूप देने के लिए प्रत्येक जिले में 4 मॉडल परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। राज्यभर में ऐसे 152 केंद्र स्थापित किए गए हैं, जहां—
- केवल महिला परीक्षार्थी परीक्षा दे रही हैं
- दंडाधिकारी, शिक्षक व सुरक्षाकर्मी सभी महिलाएं हैं
- केंद्रों को फूल, गुब्बारे, कारपेटिंग और हेल्पडेस्क से सजाया गया है
प्री-प्रिंटेड ओएमआर और उत्तरपुस्तिका
हर परीक्षार्थी को प्री-प्रिंटेड ओएमआर शीट और उत्तरपुस्तिका दी गई है, जिस पर नाम, रोल नंबर, विषय कोड और फोटो पहले से अंकित है, ताकि किसी तरह की गड़बड़ी की संभावना न रहे।
मोबाइल–इलेक्ट्रॉनिक गैजेट पर सख्त प्रतिबंध
परीक्षा केंद्रों पर मोबाइल, ब्लूटूथ, ईयरफोन, कैलकुलेटर समेत सभी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण पूरी तरह प्रतिबंधित हैं। केवल केंद्राधीक्षक को ही मोबाइल रखने की अनुमति होगी।
दो स्तर पर फ्रिस्किंग, सीसीटीवी से निगरानी
- दो स्तर पर परीक्षार्थियों की तलाशी
- सभी केंद्रों पर सीसीटीवी और वीडियोग्राफी
- गड़बड़ी करने वालों पर तत्काल कार्रवाई
कदाचार पर जीरो टॉलरेंस
बोर्ड अध्यक्ष ने कहा कि सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत बिहार परीक्षा संचालन अधिनियम 1981 के प्रावधानों को सख्ती से लागू किया जाएगा और दोषियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई होगी।
परीक्षार्थियों के लिए अपील
बोर्ड ने अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे—
- एडमिट कार्ड के साथ समय से केंद्र पहुंचें
- अनुशासन बनाए रखें
- बिना दबाव के शांत मन से परीक्षा दें
“हमारा उद्देश्य परीक्षार्थियों को बेहतर और सुरक्षित माहौल देना है, ताकि वे पूरी एकाग्रता से परीक्षा दे सकें।” – आनंद किशोर


