राज्यभर के युवाओं, किसानों और महिला समूहों में दिखा जबरदस्त उत्साह
पटना, 24 जुलाई।बिहार आइडिया फेस्टिवल 2025 के अंतर्गत गुरुवार को राज्यभर में ज़िला स्तरीय अभियानों की शुरुआत हुई। यह आयोजन राज्य सरकार के उद्योग विभाग, योरस्टोरी मीडिया प्राइवेट लिमिटेड तथा जीविका के सहयोग से चलाया जा रहा है। इस महाअभियान का उद्देश्य बिहार के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों से 10 लाख नवाचार आधारित विचारों को पहचानना, तराशना और उन्हें प्रोत्साहन देना है।
पश्चिम चंपारण से पटना तक नवाचार की लहर
बिहार के पश्चिम चंपारण, किशनगंज, बेगूसराय, सुपौल, नालंदा, रोहतास, वैशाली, भागलपुर और पटना जिलों में भव्य आयोजनों के साथ इस ज़िला स्तरीय कार्यक्रम की शुरुआत हुई।
इन आयोजनों में बड़ी संख्या में छात्रों, किसानों, जीविका दीदियों, स्वयं सहायता समूहों और स्थानीय नवाचारियों ने भाग लिया। कार्यक्रम स्थल पर आयोजित “आइडिया हैकथॉन” में प्रतिभागियों ने अपने विचार प्रस्तुत किए और विषय विशेषज्ञों से फीडबैक भी प्राप्त किया।
4875 प्रतिभागियों ने भरी नवाचार की उड़ान
इस अभियान के पहले चरण में ही राज्यभर से 4875 प्रतिभागियों ने सक्रिय भागीदारी की।
प्रतिभागियों ने बिहार आइडिया फेस्टिवल पोर्टल पर अपने आइडिया सबमिट किए और कार्यक्रम स्थल पर प्रत्यक्ष प्रदर्शन के माध्यम से अपनी सोच और योजनाओं को साझा किया।
10 लाख रुपये तक की सीड फंडिंग का मौका
बिहार आइडिया फेस्टिवल केवल एक प्रदर्शन मंच नहीं बल्कि एक बड़ा अवसर भी है। इस कार्यक्रम के अंतर्गत चयनित प्रतिभागियों को मिलेगा:
- स्टार्टअप बिहार नीति के तहत ₹10 लाख तक की सीड फंडिंग के लिए वाइल्ड कार्ड पिचिंग मौका
- ट्रॉफी और प्रमाणपत्र
- स्टार्टअप नीति के अंतर्गत मार्केट एक्सेस, मेंटरशिप और नेटवर्किंग जैसी अनेक सुविधाएं
इस आयोजन से जुड़े जमीनी स्तर के उद्यमी, जो अब तक बड़े मंचों से दूर थे, उन्हें सीधे राज्य नीति से जुड़ने का मौका मिल रहा है।
बिहार बना रहा है उद्यमिता का नया नक्शा
बिहार सरकार का यह प्रयास साबित करता है कि राज्य नवाचार और आत्मनिर्भरता के क्षेत्र में नींव से नेतृत्व तक बदलाव ला रहा है।
बिहार आइडिया फेस्टिवल 2025 का यह ज़िला स्तरीय चरण आने वाले समय में राज्यव्यापी अभियान का सशक्त आधार बनेगा, जिसमें हर वर्ग को अपनी सोच को स्टार्टअप में बदलने का मौका मिलेगा।


