डिजिटल हेल्थ में बिहार बना देश का मॉडल, गांव-गांव तक पहुंची तकनीक: मंगल पांडेय

स्कैन एंड शेयर में बिहार नंबर-1, 5.26 करोड़ टोकन बनाकर रचा इतिहास

पटना, 03 फरवरी।बिहार ने डिजिटल हेल्थ सेवाओं के क्षेत्र में देशभर में नया मानक स्थापित कर दिया है। स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने कहा कि अब डिजिटल स्वास्थ्य सेवा सिर्फ शहरों तक सीमित नहीं, बल्कि ग्रामीण इलाकों तक पहुंच चुकी है

पटना में आयोजित “आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन बिहार कॉन्क्लेव 2.0” के शुभारंभ के दौरान उन्होंने कहा कि बिहार अब देश के लिए एक डिजिटल हेल्थ मॉडल स्टेट बन चुका है।


स्कैन एंड शेयर में देश में अव्वल बिहार

स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि—

  • 5.26 करोड़ से अधिक स्कैन एंड शेयर टोकन बनाए गए
  • इसके साथ बिहार राष्ट्रीय स्तर पर नंबर-1 बन गया

यह आंकड़ा देश के किसी भी राज्य से सबसे अधिक है।


6.11 करोड़ आभा आईडी, 6.17 करोड़ डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड

बिहार की उपलब्धियां सिर्फ यहीं नहीं रुकीं—

  • 6.11 करोड़ आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट (आभा) आईडी
  • इस मामले में बिहार देश में चौथे स्थान पर
  • 6.17 करोड़ इलेक्ट्रॉनिक हेल्थ रिकॉर्ड
  • इसमें बिहार को तीसरा स्थान मिला

‘भव्या’ प्रोजेक्ट को मिला अंतरराष्ट्रीय सम्मान

मुख्यमंत्री डिजिटल हेल्थ योजना के तहत चल रही ‘भव्या’ परियोजना को
ग्लोबल डिजिटल हेल्थ समिट 2024 में इनोवेशन अवार्ड से सम्मानित किया गया।


डॉक्टर और अस्पताल भी डिजिटल प्लेटफॉर्म पर

  • 47,786 हेल्थ प्रोफेशनल HPR में पंजीकृत
  • 29,288 हेल्थ फैसिलिटी HFR में रजिस्टर्ड
  • 7,835 सरकारी अस्पताल डिजिटल हेल्थ इंसेंटिव स्कीम से जुड़े
  • अब तक ₹37.60 करोड़ की प्रोत्साहन राशि का भुगतान
  • यह भी देश में सबसे ज्यादा है

दूसरे राज्य भी बिहार मॉडल सीखने आ रहे

मंगल पांडेय ने बताया कि अब केंद्र सरकार के निर्देश पर
अन्य राज्यों के प्रतिनिधि बिहार आकर यहां का डिजिटल हेल्थ मॉडल देख रहे हैं।
यह राज्य के लिए गौरव की बात है।


अब फाइल नहीं, मोबाइल में इलाज का पूरा रिकॉर्ड

स्वास्थ्य विभाग के सचिव लोकेश कुमार सिंह ने कहा—
अब मरीजों को कागजों का बंडल लेकर अस्पताल नहीं भटकना होगा।
आभा आईडी के जरिए पूरा इलाज रिकॉर्ड डिजिटल रहेगा।


बिहार बना डिजिटल हेल्थ का लीडर

बिहार स्वास्थ्य सुरक्षा समिति के CEO षषांक शेखर सिन्हा ने कहा कि
आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन ने राज्य के स्वास्थ्य सिस्टम में
ऐतिहासिक बदलाव ला दिया है।


यह कार्यक्रम राज्य स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों,
सिविल सर्जनों और जिला स्तरीय कर्मियों की मौजूदगी में संपन्न हुआ।


 

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