
पटना। बिहार सरकार ने राज्य में आयोजित सभी सरकारी कार्यक्रमों और शैक्षणिक संस्थानों के संचालन को लेकर नई व्यवस्था लागू की है। इसके तहत अब सभी सरकारी आयोजनों की शुरुआत राष्ट्रीय गीत “वंदे मातरम्” के गायन से होगी, जिसके तुरंत बाद राष्ट्रगान प्रस्तुत किया जाएगा। इसके बाद निर्धारित कार्यक्रमों की शुरुआत की जाएगी और अंत में बिहार राज्य गीत के साथ कार्यक्रम का समापन किया जाएगा।
इस संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव मो. सोहैल ने रविवार को विस्तृत निर्देश जारी किए हैं। यह निर्देश सभी विभागीय प्रमुखों, पुलिस महानिदेशक, प्रमंडलीय आयुक्तों और जिलाधिकारियों को भेजे गए हैं। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि तय किए गए क्रम का पालन सभी सरकारी कार्यक्रमों में अनिवार्य रूप से किया जाए।
इसी तरह, शैक्षणिक संस्थानों में भी नई व्यवस्था लागू की गई है। अब स्कूलों और कॉलेजों में दिन की शुरुआत राष्ट्रीय गीत “वंदे मातरम्” से होगी, जिसके बाद राष्ट्रगान गाया जाएगा। इसके बाद शैक्षणिक संस्थानों में नियमित पठन-पाठन और अन्य गतिविधियां निर्धारित समय-सारणी के अनुसार संचालित होंगी। विभाग ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशों का सख्ती से अनुपालन सुनिश्चित कराने के लिए कहा है।
उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार द्वारा 28 जनवरी 2026 को राष्ट्रीय गीत के सम्मान और उसके गायन से संबंधित दिशा-निर्देश जारी किए गए थे, जिसके बाद राज्य स्तर पर यह व्यवस्था लागू की जा रही है।
अतिक्रमण के खिलाफ सख्त रुख: अवैध निर्माण ध्वस्त किए जाएंगे, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का बयान
पटना/मुंगेर। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राज्य में सरकारी भूमि पर अतिक्रमण के खिलाफ सख्त कार्रवाई के संकेत दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा है कि सरकारी जमीन पर बने सभी अवैध मकान और भवनों को ध्वस्त किया जाएगा, चाहे वे किसी भी व्यक्ति से संबंधित क्यों न हों।
मुख्यमंत्री ने बताया कि उन्हें जानकारी मिली है कि तारापुर स्थित उनके आवास की सीढ़ी भी प्रशासन द्वारा हटाई जा रही है। उन्होंने इसे सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने की प्रक्रिया का हिस्सा बताया और कहा कि इस अभियान में किसी भी तरह की ढील नहीं दी जाएगी।
मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद सम्राट चौधरी रविवार को पहली बार अपने गृह जिला मुंगेर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने तारापुर विधानसभा क्षेत्र के असरगंज प्रखंड स्थित बैजलपुर गांव में प्रधानमंत्री के “मन की बात” कार्यक्रम को सुना। इसके बाद उन्होंने एक जनसंवाद कार्यक्रम को भी संबोधित किया।


