राष्ट्रीय महिला दिवस पर बिहार सरकार का तोहफा: 253 को मिली नौकरी, 755 महिलाओं के खाते में भेजे गए 3.77 करोड़; वंदना प्रेयषी ने बांटे नियुक्ति पत्र

  • नारी शक्ति को सम्मान: दशरथ मांझी संस्थान में आयोजित समारोह में समाज कल्याण विभाग ने 253 अभ्यर्थियों को सौंपा नियुक्ति पत्र
  • सिविल सेवा प्रोत्साहन: 71वीं BPSC पास करने वाली 755 महिलाओं को मिली आर्थिक मदद; DBT से ट्रांसफर हुए 3 करोड़ 77 लाख रुपये
  • कन्या सुरक्षा योजना: 18 साल की हुईं बेटियों को मिला मैच्योरिटी बॉन्ड का पैसा; वन स्टॉप सेंटर के लिए 143 कर्मियों की बहाली

द वॉयस ऑफ बिहार (पटना)

​राष्ट्रीय महिला दिवस (National Women’s Day) के अवसर पर बिहार सरकार ने महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया है। शुक्रवार को पटना के दशरथ मांझी श्रम एवं नियोजन अध्ययन संस्थान में आयोजित एक भव्य समारोह में समाज कल्याण विभाग ने न केवल 253 युवाओं को रोजगार दिया, बल्कि सिविल सेवा की तैयारी कर रही महिलाओं को आर्थिक संबल भी प्रदान किया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि समाज कल्याण विभाग की सचिव वंदना प्रेयषी ने दीप प्रज्वलित कर समारोह का उद्घाटन किया।

इन पदों पर हुई बहाली

​विभाग द्वारा कुल 253 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र सौंपा गया। इसमें दो प्रमुख इकाइयों में नियुक्तियां की गई हैं:

  1. राज्य बाल संरक्षण समिति: इसके अंतर्गत 106 पदों पर बहाली हुई है। इसमें प्रोग्राम मैनेजर, लीगल प्रोबेशन ऑफिसर, काउंसलर, डेटा एनालिस्ट, सोशल वर्कर, आउटरीच वर्कर, हाउस मदर/फादर और पैरामेडिकल स्टाफ शामिल हैं।
  2. महिला एवं बाल विकास निगम (WCDC): इसके तहत 147 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र मिले हैं। ये नियुक्तियां मुख्य रूप से वन स्टॉप सेंटर (OSC) योजना के लिए की गई हैं, जिसमें केंद्र प्रशासक, केस वर्कर, आईटी स्टाफ और परामर्शदाता शामिल हैं।

खाते में खनके पैसे

​समारोह में ‘सिविल सेवा प्रोत्साहन राशि योजना’ के तहत बड़ा लाभ वितरण किया गया। 71वीं बीपीएससी (BPSC) प्रारंभिक परीक्षा पास करने वाली 755 महिला अभ्यर्थियों के बैंक खातों में डीबीटी (DBT) के माध्यम से कुल 3 करोड़ 77 लाख 50 हजार रुपये हस्तांतरित किए गए।

कन्या सुरक्षा योजना: बालिग बेटियों को मिला हक

​इस मौके पर मुख्यमंत्री कन्या सुरक्षा योजना के तहत 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुकीं 11 लाभार्थियों को परिपक्वता (Maturity) राशि का प्रमाण पत्र सौंपा गया। यह राशि उन बीपीएल परिवारों की बेटियों के लिए थी, जिनके जन्म पर सरकार ने यूटीआई बॉन्ड निर्गत किए थे।

संवेदनशील सेवा तंत्र हमारी प्राथमिकता: सचिव

​अपने संबोधन में सचिव वंदना प्रेयषी ने कहा कि यह केवल नौकरी देने का कार्यक्रम नहीं है, बल्कि एक संवेदनशील सेवा तंत्र को मजबूत करने की पहल है। उन्होंने कहा कि नवनियुक्त कर्मी यह सुनिश्चित करेंगे कि राज्य की हर जरूरतमंद महिला और बच्चे तक न्याय और सहायता पहुंचे।

​कार्यक्रम के दौरान ‘आफ्टर केयर मार्गदर्शिका’ और एक कॉफी टेबल बुक का विमोचन भी किया गया। साथ ही महिला सम्मान और सुरक्षा के लिए सामूहिक शपथ भी दिलाई गई।

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