पटना, 1 सितंबर 2025 – बिहार सरकार अपने कृषि रोडमैप के तहत विविध फसलों को बढ़ावा देने और किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए पान विकास योजना चला रही है। इस योजना के तहत पान की खेती करने वाले किसानों को अनुदान दिया जाएगा, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और पान उत्पादन में सुधार आएगा।
अनुदान और योजना की खास बातें
- अनुदान राशि खेती के क्षेत्र पर निर्भर करेगी।
- न्यूनतम क्षेत्र: 100 वर्गमीटर (0.01 हेक्टेयर), अधिकतम क्षेत्र: 300 वर्गमीटर।
- प्रत्येक खेती पर अनुदान: 11,750 रुपये से 35,250 रुपये तक।
- कुल लागत के 50% तक अनुदान, अधिकतम लागत: 70,500 रुपये प्रति 300 वर्गमीटर।
- योजना का वित्तीय प्रावधान: 491.385 लाख रुपये (वित्तीय वर्ष 2023-24 से 2025-26 तक)।
चयन प्रक्रिया और प्रशिक्षण
- लाभार्थियों का चयन ऑनलाइन लॉटरी प्रणाली के माध्यम से पारदर्शिता सुनिश्चित करते हुए किया जाएगा।
- किसानों को पान उत्पादन की आधुनिक तकनीक और प्रशिक्षण भी प्रदान किया जाएगा।
- कृषि विभाग का उद्यान निदेशालय समय-समय पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करेगा।
सात जिलों के किसान योजना का लाभ उठा सकते हैं
नालंदा, नवादा, गया, औरंगाबाद, शेखपुरा, वैशाली और भोजपुर जिले के किसान इस योजना का लाभ ले सकते हैं।
विशेषज्ञों का मानना
बिहार का मगही पान, जिसे GI टैग प्राप्त है, इस योजना से उत्पादन में वृद्धि और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान पाने में मदद करेगा।


