पटना, बिहार: बिहार सरकार के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने सरकारी कर्मचारियों को सोशल मीडिया पर सरकार की नीतियों के खिलाफ पोस्ट या रील साझा करने से रोक दिया है। विभाग ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को सरकारी सेवक आचरण नियमावली, 1976 का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया है।
‘जन कल्याण संवाद’ पर आलोचना पर सख्त रुख
प्रधान सचिव सी.के. अनिल ने पत्र में कहा कि पिछले दो महीनों से उप मुख्यमंत्री द्वारा आयोजित “भूमि सुधार जन कल्याण संवाद” के संबंध में कुछ कर्मचारियों द्वारा सोशल मीडिया और मीडिया में आलोचना की गई। इसे विभाग ने अनुशासनहीनता और नियमों का उल्लंघन माना।
सोशल मीडिया पर प्रतिबंध
सरकार ने स्पष्ट किया है कि सरकारी कर्मचारियों के लिए किसी भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सरकार की नीतियों के खिलाफ पोस्ट या रील जारी करना सख्त रूप से प्रतिबंधित है। निर्देशों के अनुसार कर्मचारियों को व्यक्तिगत और व्यावसायिक जीवन के बीच स्पष्ट अंतर बनाए रखना होगा।
“आपत्तिजनक टिप्पणियाँ करना अनुशासनहीनता का प्रतीक माना जाएगा।”
आचरण नियमावली का उल्लंघन गंभीर अपराध
बिहार सरकारी सेवक (आचरण) नियमावली, 1976 के नियम-10 के अनुसार कोई भी कर्मचारी अपने नाम, छद्म नाम या किसी और के नाम से सरकार की नीतियों की प्रतिकूल आलोचना नहीं कर सकता। विभाग ने चेतावनी दी है कि उल्लंघन करने वालों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।


