नाव और जाल पैकेज वितरण योजना के तहत 31 दिसंबर तक करें आवेदन
पटना, 27 सितंबर।बिहार सरकार ने मछुआरों के लिए इस साल खास योजना शुरू की है। नाव एवं जाल पैकेज वितरण योजना के तहत राज्य के परंपरागत मछुआरे, महिला मछुआरे और अनुसूचित जाति/जनजाति वर्ग के मछुआरे नाव और जाल खरीदने पर इकाई लागत का 90 प्रतिशत तक अनुदान प्राप्त कर सकते हैं। आवेदन की अंतिम तिथि 31 दिसंबर 2025 है और इसके लिए fisheries.bihar.gov.in पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा।
आवेदन की प्रक्रिया
- आवेदन करते समय मोबाइल नंबर, बैंक खाता संख्या, आईएफएससी कोड, बैंक शाखा का नाम, आधार कार्ड नंबर और मत्स्य शिकारमाही से जुड़े प्रमाणपत्र जमा करने होंगे।
- लाभुक राज्य मत्स्यजीवी सहयोग समिति के सदस्य अथवा पारंपरिक रूप से मत्स्य शिकार करने वाले होने चाहिए।
योजना से मिलेगा सिर्फ एक पैकेज का लाभ
योजना के तहत एक व्यक्ति या परिवार को सिर्फ एक पैकेज का लाभ मिलेगा। इनमें शामिल हैं –
- फिशिंग वुडन बोट पैकेज
- फिशिंग एफआरपी बोट पैकेज
- कॉस्ट (फेका) जाल पैकेज
इकाई लागत और अनुदान की राशि
- फिशिंग लकड़ी की नाव पैकेज : ₹1,24,400
- फिशिंग एफआरपी बोट पैकेज : ₹1,54,400
- कॉस्ट (फेका) जाल पैकेज : ₹16,700
इन पैकेजों की लागत पर मछुआरों को 90% तक की सब्सिडी दी जाएगी।
लाभुकों का चयन
लाभुकों का चयन उप मत्स्य निदेशक की अध्यक्षता वाली समिति करेगी। यह योजना राज्य के सभी जिलों के लिए लागू है।
योजना से मछुआरों को बड़ा फायदा
पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग की इस महत्वाकांक्षी योजना से मछुआरों को आर्थिक मजबूती मिलेगी। सरकार का मानना है कि नाव और जाल पैकेज पर अनुदान मिलने से न केवल उनकी आय बढ़ेगी, बल्कि मत्स्य पालन क्षेत्र में भी राज्य आत्मनिर्भर बनेगा।


