बिहार सरकार कृषि प्रसंस्करण उद्योगों के लिए दे रही है अनुदान

पटना, 25 सितंबर 2025: बिहार सरकार ने बिहार कृषि निवेश प्रोत्साहन नीति के तहत कृषि प्रसंस्करण उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए अनुदान योजना लागू की है। इस नीति का उद्देश्य राज्य में कृषि उद्योगों का विस्तार करना, किसानों की आय बढ़ाना और रोजगार के अवसर पैदा करना है।

अनुदान प्राप्त करने योग्य उद्योग:

  • मखाना, शहद, फल और सब्जियां, मक्का, बीज, औषधीय एवं सुगंधित पौधे, चाय से संबंधित प्रसंस्करण इकाइयाँ।
  • नई इकाई स्थापित करना या मौजूदा इकाई का विस्तार करना।

लाभार्थी पात्रता:

  • व्यक्ति, प्रोप्राइटरशिप, साझेदारी फर्म, सीमित देयता भागीदारी (LLP), किसान उत्पादक कंपनी (FPC) आदि।
  • परियोजना लागत न्यूनतम 25 लाख रुपए और अधिकतम 5 करोड़ रुपए होनी चाहिए।
  • पूंजीगत सब्सिडी पूरी तरह ऋण से जुड़ी होगी और बैंक/वित्तीय संस्थान से मियादी ऋण परियोजना लागत का कम से कम 20 प्रतिशत होना आवश्यक है।

अतिरिक्त अनुदान:

  • अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अत्यंत पिछड़े वर्ग (EBC) के निवेशकों को 5% अतिरिक्त पूंजीगत अनुदान।
  • महिला उद्यमी, एसिड अटैक पीड़ित, युद्ध विधवा, दिव्यांग और तृतीय लिंग के निवेशकों को 2% अतिरिक्त पूंजीगत अनुदान।

आवेदन के लिए आवश्यक कागजात:

  • परियोजना के लिए भूमि का स्वामित्व या कम से कम 30 वर्षों का पंजीकृत पट्टा अनुबंध।
  • भूमि दस्तावेजों का स्व-सत्यापन।
  • परियोजना भूमि के लिए सक्षम प्राधिकारी से भूमि उपयोग परिवर्तन (CLU) की अनुमति।

अधिक जानकारी:
कृषि विभाग के उद्यान निदेशालय की वेबसाइट या कार्यालय से प्राप्त की जा सकती है।

इस नीति के माध्यम से राज्य सरकार कृषि आधारित उद्योगों के निवेश को बढ़ावा देकर किसानों की आय और स्थानीय रोजगार को मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है।

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