आशा कार्यकर्ताओं को अब ₹3,000, ममता को प्रति प्रसव ₹600 की प्रोत्साहन राशि मिलेगी
पटना, 31 जुलाई | बिहार सरकार ने आशा एवं ममता कार्यकर्ताओं के प्रोत्साहन राशि में महत्वपूर्ण वृद्धि की है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए इसकी जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि इस निर्णय से इन कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ेगा और ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाएं और सुदृढ़ होंगी।
अब आशा को मिलेगा ₹3,000 प्रति माह
मुख्यमंत्री के अनुसार, अब तक आशा कार्यकर्ताओं को ₹1,000 मासिक प्रोत्साहन राशि मिलती थी, जिसे तीन गुना बढ़ाकर ₹3,000 कर दिया गया है।
वहीं, ममता कार्यकर्ताओं को प्रति प्रसव ₹300 की जगह अब ₹600 की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा – स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त बनाने की दिशा में एक और कदम
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने पोस्ट में लिखा:
“नवम्बर 2005 में सरकार बनने के बाद से स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए बड़े पैमाने पर काम किया गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण में आशा एवं ममता कार्यकर्ताओं का अहम योगदान रहा है। उनके सम्मान में यह निर्णय लिया गया है।”
ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं में निभा रही हैं महत्वपूर्ण भूमिका
- आशा (Accredited Social Health Activist) कार्यकर्ता ग्रामीण क्षेत्रों में गर्भवती महिलाओं की देखरेख, बच्चों के टीकाकरण और स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रमों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
- ममता कार्यकर्ता विशेष रूप से संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने और मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाओं से महिलाओं को जोड़ने में सहायक होती हैं।
स्वास्थ्य विभाग के लिए एक प्रेरक कदम
स्वास्थ्य विभाग से जुड़े अधिकारियों और ग्रामीण महिलाओं ने इस फैसले का स्वागत किया है। यह कदम न केवल इन कार्यकर्ताओं के सामाजिक-आर्थिक सशक्तीकरण में सहायक होगा, बल्कि ग्रामीण स्तर पर गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाएगा।


