बिहार में खनिज राजस्व पर सरकार सख्त: वसूली कम होने पर 4 जिलों के अधिकारियों को नोटिस, बढ़ेगा एक्शन

पटना: बिहार सरकार ने खनिज राजस्व वसूली को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की प्रक्रिया तेज कर दी है। उपमुख्यमंत्री सह खान एवं भूतत्व मंत्री विजय कुमार सिन्हा के निर्देश पर विभागीय समीक्षा बैठक में कई जिलों के खराब प्रदर्शन पर नाराजगी जताई गई और संबंधित अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने का आदेश दिया गया।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई बड़ी समीक्षा बैठक
खनन एवं भूतत्व विभाग के निदेशक मनेश कुमार मीणा की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में राज्य के सभी जिलों के खनिज विकास पदाधिकारी (MDO) और अन्य अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए। बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए तय किए गए राजस्व लक्ष्य और उसकी वर्तमान स्थिति की विस्तृत समीक्षा की गई।

इन जिलों से मांगा गया जवाब
समीक्षा के दौरान पाया गया कि कुछ जिलों में राजस्व वसूली अपेक्षित स्तर से काफी कम है। इस पर सख्ती दिखाते हुए लखीसराय, गया, मुंगेर और वैशाली जिलों के MDO को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे जल्द जवाब दें और वसूली की गति में सुधार करें।

लक्ष्य से पीछे रहने वालों पर होगी कार्रवाई
बैठक में साफ कर दिया गया कि जो अधिकारी निर्धारित लक्ष्य को पूरा नहीं कर पाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं बेहतर प्रदर्शन करने वाले जिलों को भी संतुष्ट न रहने और लगातार प्रदर्शन बनाए रखने की सलाह दी गई।

बालू, पत्थर और ईंट से होने वाली आय की समीक्षा
बैठक में बालू घाटों, पत्थर खनन और ईंट भट्टों से होने वाले राजस्व की गहन समीक्षा की गई। इसके साथ ही नीलामी से प्राप्त आय, जुर्माने और रॉयल्टी की वसूली की स्थिति पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि लंबित वसूली और नीलामी प्रक्रियाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए।

बालू घाटों की नीलामी और संचालन पर फोकस
निदेशक ने बालू घाटों की नीलामी, उनके संचालन और जिन घाटों को वापस लिया गया है उनकी पुनर्नीलामी पर विशेष ध्यान देने को कहा। साथ ही पर्यावरणीय मंजूरी (EC/CTO/CTE) से जुड़े मामलों को जल्द निपटाने के निर्देश दिए गए, ताकि खनन कार्य बाधित न हो।

बकाया वसूली के लिए विशेष अभियान का निर्देश
बड़े जिलों के अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वे विशेष अभियान चलाकर लंबित राजस्व की वसूली सुनिश्चित करें। जहां भी बकाया राशि है, वहां सख्ती के साथ कार्रवाई करने को कहा गया है।

सरकार का स्पष्ट संदेश—लापरवाही बर्दाश्त नहीं
बैठक के अंत में अधिकारियों को साफ संदेश दिया गया कि राजस्व वसूली में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। पारदर्शिता, जवाबदेही और निरंतर निगरानी के जरिए लक्ष्य हासिल करने पर जोर दिया गया।

इस कार्रवाई को सरकार की सख्ती के संकेत के रूप में देखा जा रहा है, जिससे आने वाले दिनों में राजस्व संग्रहण में तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है।

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