
पटना, 9 सितंबर।बिहार सरकार ने खाद्य आपूर्ति व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ एवं आधुनिक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। राज्य मंत्रिपरिषद ने “बिहार खाद्यान्न भंडारण प्रबंधन एवं प्रशिक्षण संस्थान, पटना” की स्थापना को मंजूरी दे दी है। इस संस्थान में बिहार राज्य खाद्य एवं असैनिक आपूर्ति निगम और खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के पदाधिकारियों-कर्मियों को दक्षता उन्मुख प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।
मंत्रिपरिषद का निर्णय
- मंगलवार को हुई राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में संस्थान की स्थापना और प्रशासनिक संरचना के गठन को स्वीकृति दी गई।
- इसके लिए 4,64,94,396 रुपये के वार्षिक व्यय पर पदों की मंजूरी दी गई है।
- बैठक में एनएबीएल मानक वाली राज्य स्तरीय प्रयोगशाला की स्थापना को भी हरी झंडी मिली।
संस्थान की प्रमुख विशेषताएं
- संस्थान, बिहार राज्य खाद्य एवं असैनिक आपूर्ति निगम की एक इकाई के रूप में कार्य करेगा।
- यहां खाद्य आपूर्ति से जुड़े पदाधिकारियों-कर्मियों को उच्च गुणवत्ता वाला प्रशिक्षण दिया जाएगा।
- प्रशिक्षण में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना, कल्याणकारी संस्थान एवं छात्रावास योजना, WBNP जैसी योजनाओं को लागू करने की दक्षता पर विशेष जोर होगा।
अत्याधुनिक प्रयोगशाला
- संस्थान में खाद्यान्नों की गुणवत्ता जांच के लिए एक राज्य स्तरीय प्रयोगशाला स्थापित की जाएगी।
- यह प्रयोगशाला एनएबीएल मानक की होगी और राज्य की पहली प्रयोगशाला होगी।
- यहां फोर्टिफायड राइस कर्नेल (FRK) जैसे उच्च स्तरीय खाद्यान्न पर शोध और अनुसंधान भी किया जाएगा।
- प्रयोगशाला के बनने से राज्य में खाद्य गुणवत्ता सुनिश्चित करने के साथ-साथ अनुसंधान को भी बढ़ावा मिलेगा।
महत्व
इस संस्थान के गठन से न केवल खाद्य आपूर्ति से जुड़ी योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित होगी, बल्कि राज्य के अधिकारियों और कर्मचारियों की कार्यकुशलता में भी वृद्धि होगी।


