बिहार के किसानों को अब मिलेगा 100% शुद्ध बीज: राज्य के सभी 38 जिलों में खुलीं प्रयोगशालाएं; मंत्री राम कृपाल यादव ने कहा- ‘गुणवत्ता से समझौता नहीं’

द वॉयस ऑफ बिहार | पटना (19 फरवरी 2026)

​बिहार में कृषि उत्पादन को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए राज्य सरकार ने बीजों की शुद्धता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने हेतु एक अभूतपूर्व कदम उठाया है। सरकार ने राज्य भर में एक मजबूत वैज्ञानिक प्रयोगशाला तंत्र विकसित किया है, जिससे अब किसानों को केवल प्रमाणित और उच्च गुणवत्ता वाले बीज ही उपलब्ध होंगे।

खेती की सफलता का आधार: शुद्ध बीज

​कृषि मंत्री राम कृपाल यादव ने गुरुवार को स्पष्ट किया कि बेहतर पैदावार के लिए बीज सबसे महत्वपूर्ण इकाई है।

  • निर्णायक उपादान: कृषि निवेशों की सफलता प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से बीज की गुणवत्ता पर निर्भर करती है।
  • सर्वोच्च प्राथमिकता: किसानों को शुद्ध बीज उपलब्ध कराना राज्य सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है, क्योंकि इसके बिना उच्च उत्पादन संभव नहीं है।

प्रयोगशालाओं का जाल: अब हर जिले में सुविधा

​बीज नमूनों की वैज्ञानिक जांच के लिए बिहार के सभी 38 जिलों में अब सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है:

  • क्षेत्रीय प्रयोगशालाएं: पटना स्थित राज्य स्तरीय प्रयोगशाला के अलावा भभुआ, मुजफ्फरपुर, भागलपुर, सहरसा, दरभंगा और मोतिहारी में क्षेत्रीय बीज विश्लेषण प्रयोगशालाएं सक्रिय रूप से कार्य कर रही हैं।
  • जिला स्तर पर विस्तार: राज्य के अन्य 31 जिलों में भी जिला स्तरीय बीज विश्लेषण प्रयोगशालाएं स्थापित की गई हैं।
  • प्रभावी संचालन: इन सभी प्रयोगशालाओं के प्रभावी संचालन के लिए विभाग द्वारा आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं ताकि जांच प्रक्रिया में कोई बाधा न आए।

किसानों की आय और अर्थव्यवस्था पर असर

​मंत्री ने विश्वास जताया कि इस वैज्ञानिक व्यवस्था से न केवल कृषि उत्पादकता बढ़ेगी, बल्कि राज्य की कृषि अर्थव्यवस्था को भी नई मजबूती मिलेगी।

  • प्रमाणित बीजों का उपयोग: गुणवत्तायुक्त बीजों के बढ़ते उपयोग से बिहार के किसानों की आय में निरंतर वृद्धि दर्ज की जा रही है।
  • सरकार की प्रतिबद्धता: राज्य सरकार किसानों को प्रमाणित और शुद्ध बीज उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह से वचनबद्ध है।

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