
पटना, 25 जुलाई 2026। बिहार में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को आधुनिक, सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। राजधानी पटना में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान राज्य में प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना के तहत संचालित होने वाली इलेक्ट्रिक बसों और बिहार राज्य पथ परिवहन निगम के नए डीलक्स बस बेड़े को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। इस पहल से राज्य के शहरी और अंतरराज्यीय सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।
पटना स्थित वेटरनरी कॉलेज ग्राउंड में परिवहन विभाग की ओर से आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इलेक्ट्रिक बस सेवा की शुरुआत के साथ बिहार राज्य पथ परिवहन निगम के नए डीलक्स बस बेड़े का भी शुभारंभ किया। कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना के अंतर्गत बिहार को स्वीकृत 400 इलेक्ट्रिक बसों में से पहली इलेक्ट्रिक बस का लोकार्पण किया गया। इसके साथ ही निगम के 149 डीलक्स बसों के बेड़े में शामिल 3 एसी और 73 नॉन-एसी बसों का भी शुभारंभ किया गया।
बिहार को मिली 400 इलेक्ट्रिक बसों की स्वीकृति
प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना के अंतर्गत बिहार के लिए कुल 400 इलेक्ट्रिक बसों को स्वीकृति दी गई है। इन बसों में 200 बसें 12 मीटर श्रेणी की और 200 बसें 9 मीटर श्रेणी की होंगी। इलेक्ट्रिक बसों की शुरुआत को राज्य में सार्वजनिक परिवहन के क्षेत्र में एक बड़े बदलाव के रूप में देखा जा रहा है।
इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से पारंपरिक ईंधन पर निर्भरता कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है। इसके साथ ही सार्वजनिक परिवहन के क्षेत्र में स्वच्छ ऊर्जा आधारित परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा। सरकार की ओर से इस पहल का उद्देश्य यात्रियों को बेहतर परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी प्रभावी कदम उठाना है।
बिहार के प्रमुख शहरों में इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से शहरी परिवहन व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित और आधुनिक बनाने की संभावना है। दस्तावेज के अनुसार पटना, मुजफ्फरपुर, गया, भागलपुर, दरभंगा और पूर्णिया जैसे प्रमुख शहरों के लिए इलेक्ट्रिक बसों के संचालन की योजना है। इन शहरों में सार्वजनिक परिवहन की बढ़ती जरूरतों को देखते हुए इलेक्ट्रिक बस सेवा यात्रियों के लिए एक उपयोगी विकल्प साबित हो सकती है।


वायु प्रदूषण कम करने में मिलेगी मदद
इलेक्ट्रिक बसों की सबसे बड़ी विशेषताओं में से एक यह है कि इनके संचालन से पारंपरिक ईंधन से चलने वाले वाहनों की तुलना में प्रदूषण को कम करने में मदद मिल सकती है। बिहार के प्रमुख शहरों में सार्वजनिक परिवहन के लिए इलेक्ट्रिक बसों का इस्तेमाल बढ़ने से वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने और पर्यावरण संरक्षण को मजबूती देने की उम्मीद है।
बढ़ते शहरीकरण और वाहनों की संख्या में लगातार वृद्धि के बीच स्वच्छ सार्वजनिक परिवहन की जरूरत भी बढ़ रही है। ऐसे में इलेक्ट्रिक बसों का विस्तार राज्य के लिए पर्यावरणीय दृष्टि से महत्वपूर्ण कदम माना जा सकता है। सार्वजनिक परिवहन में इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या बढ़ने से यात्रियों को निजी वाहनों के बजाय बस सेवा का इस्तेमाल करने के लिए प्रोत्साहित किया जा सकता है, जिससे सड़क पर निजी वाहनों का दबाव कम करने में भी सहायता मिल सकती है।
डीलक्स बस बेड़े का भी हुआ शुभारंभ
कार्यक्रम के दौरान बिहार राज्य पथ परिवहन निगम के 149 डीलक्स बसों के नए बेड़े में से 3 एसी और 73 नॉन-एसी बसों का शुभारंभ भी किया गया। इन बसों में आधुनिक तकनीक आधारित सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। इसका उद्देश्य यात्रियों को सुरक्षित, भरोसेमंद और सुविधाजनक यात्रा का बेहतर अनुभव प्रदान करना है।
डीलक्स बसों के नए बेड़े से बिहार राज्य पथ परिवहन निगम की परिवहन सेवाओं के विस्तार को भी गति मिलने की उम्मीद है। नई बसों के संचालन से यात्रियों को लंबी दूरी की यात्रा के लिए सार्वजनिक परिवहन का एक बेहतर विकल्प उपलब्ध होगा।
आधुनिक सुविधाओं से लैस इन बसों के जरिए यात्रियों को यात्रा के दौरान अधिक सुविधा और बेहतर अनुभव देने का प्रयास किया गया है। सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था में नई बसों की संख्या बढ़ने से उन यात्रियों को भी लाभ मिल सकता है, जो निजी वाहनों की तुलना में सुरक्षित और किफायती सार्वजनिक परिवहन को प्राथमिकता देते हैं।
दिल्ली समेत कई राज्यों के लिए चलेंगी डीलक्स बसें
बिहार राज्य पथ परिवहन निगम की ओर से नए डीलक्स बसों का संचालन बिहार से देश के कई प्रमुख राज्यों और शहरों तक किए जाने की योजना है। इन बसों को दिल्ली, उत्तर प्रदेश, झारखंड, पश्चिम बंगाल और हरियाणा सहित विभिन्न महत्वपूर्ण अंतरराज्यीय मार्गों पर चलाया जाएगा।
अंतरराज्यीय बस सेवा का विस्तार बिहार के यात्रियों के लिए काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बड़ी संख्या में लोग रोजगार, शिक्षा, व्यवसाय और अन्य जरूरी कार्यों के लिए दूसरे राज्यों की यात्रा करते हैं। ऐसे में बिहार से देश के प्रमुख शहरों और राज्यों तक बेहतर बस कनेक्टिविटी उपलब्ध होने से यात्रियों को सुविधा मिल सकती है।
नई डीलक्स बसों के संचालन से बिहार राज्य पथ परिवहन निगम की सेवाओं का दायरा भी बढ़ेगा। इसके साथ ही यात्रियों को निजी परिवहन के मुकाबले सार्वजनिक बस सेवा का एक सुरक्षित, किफायती और भरोसेमंद विकल्प उपलब्ध कराने की दिशा में मदद मिलेगी।
सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करने की कोशिश
बिहार में इलेक्ट्रिक बसों और नई डीलक्स बसों की शुरुआत को राज्य की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। एक ओर इलेक्ट्रिक बसें पर्यावरण के अनुकूल परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा देंगी, वहीं दूसरी ओर डीलक्स बसों के नए बेड़े से अंतरराज्यीय और लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों को बेहतर सुविधा मिलने की उम्मीद है।
राज्य में सार्वजनिक परिवहन का विस्तार होने से लोगों को अपने दैनिक आवागमन और लंबी दूरी की यात्रा के लिए अधिक विकल्प मिलेंगे। इससे परिवहन व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित बनाने में भी सहायता मिल सकती है। विशेष रूप से पटना सहित प्रमुख शहरों में इलेक्ट्रिक बसों का संचालन सार्वजनिक परिवहन की तस्वीर बदलने की क्षमता रखता है।
इस पहल को बिहार में आधुनिक परिवहन व्यवस्था की ओर बढ़ते कदम के तौर पर देखा जा रहा है। इलेक्ट्रिक बसों के विस्तार के साथ पर्यावरण संरक्षण पर जोर और डीलक्स बसों के जरिए अंतरराज्यीय कनेक्टिविटी को मजबूत करने का प्रयास राज्य की परिवहन नीति में व्यापक बदलाव का संकेत देता है।
कार्यक्रम में कई वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
पटना में आयोजित इस कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, उपमुख्यमंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव, परिवहन मंत्री दामोदर रावत, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव लोकेश कुमार सिंह, परिवहन विभाग के सचिव राज कुमार और बिहार राज्य पथ परिवहन निगम के प्रशासक अतुल कुमार वर्मा सहित परिवहन विभाग तथा बिहार राज्य पथ परिवहन निगम के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
कार्यक्रम के दौरान इलेक्ट्रिक बस सेवा और डीलक्स बसों के शुभारंभ को राज्य के परिवहन क्षेत्र में नई शुरुआत के रूप में प्रस्तुत किया गया। सरकार और परिवहन विभाग की इस पहल से आने वाले समय में बिहार में सार्वजनिक परिवहन के नेटवर्क को और विस्तार मिलने की उम्मीद है।
कुल मिलाकर, बिहार में 400 इलेक्ट्रिक बसों की स्वीकृति और नए डीलक्स बस बेड़े की शुरुआत राज्य के परिवहन क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण कदम है। पटना, मुजफ्फरपुर, गया, भागलपुर, दरभंगा और पूर्णिया जैसे शहरों में इलेक्ट्रिक बस सेवा के विस्तार से जहां पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलने की संभावना है, वहीं दिल्ली और अन्य राज्यों के लिए डीलक्स बसों के संचालन से अंतरराज्यीय परिवहन सुविधा बेहतर हो सकती है। आने वाले समय में इन सेवाओं का विस्तार बिहार के यात्रियों के लिए सुरक्षित, सुविधाजनक, किफायती और आधुनिक सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था तैयार करने में अहम भूमिका निभा सकता है।


