पटना: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के पहले चरण के लिए नामांकन प्रक्रिया 10 अक्टूबर से शुरू हो चुकी है, लेकिन गठबंधनों में सीट शेयरिंग की गांठें अभी तक सुलझी नहीं हैं। एनडीए की तरफ देखें तो चिराग पासवान और जीतन राम मांझी की मांगों ने गठबंधन में तनाव पैदा कर रखा है। वहीं अब RLM चीफ उपेंद्र कुशवाहा का सोशल मीडिया X पर ट्वीट राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है।
उपेंद्र कुशवाहा ने ट्वीट में लिखा, “इधर-उधर की खबरों पर मत जाइए। वार्ता अभी पूरी नहीं हुई है। इंतजार कीजिए! मीडिया में कैसे खबर चल रही है, मुझे नहीं पता। अगर कोई खबर प्लांट कर रहा है तो यह छल है, धोखा है। आप लोग ऐसे ही सजग रहिए।”
भाजपा के नेताओं की तैयारियां
भाजपा के वरिष्ठ नेताओं के अनुसार, शनिवार को केंद्रीय चुनाव समिति और रविवार को संसदीय बोर्ड की बैठक प्रस्तावित है। इन बैठकों के बाद ही एनडीए में भाजपा के उम्मीदवारों की अंतिम सूची पर मुहर लगाई जाएगी। उससे पहले ही सीटों के बंटवारे का ऐलान होने की संभावना है।
दिल्ली में बढ़ी हलचल
सूचना मिलते ही भाजपा के कई मौजूदा विधायक और दर्जनों भावी उम्मीदवार दिल्ली के लिए रवाना हो गए हैं। टिकट के दावेदार भी राजधानी में कैंप कर रहे हैं और अपने-अपने मामलों में सक्रियता दिखा रहे हैं।
राजनीतिक माहौल गरम
राजनीतिक विशेषज्ञ मान रहे हैं कि चिराग पासवान और मांझी की मांगों का निपटारा NDA के लिए महत्वपूर्ण है। सीट शेयरिंग के फाइनल होने के बाद ही गठबंधन की पूरी तस्वीर सामने आएगी। वहीं उपेंद्र कुशवाहा का ट्वीट गठबंधन में संतुलन बनाए रखने की चुनौती को भी उजागर करता है।
सियासी गलियारों में चर्चा:
- एनडीए के नेताओं का कहना है कि सीटों की घोषणा के बाद ही प्रत्याशियों की लिस्ट फाइनल होगी।
- राजनीतिक पर्यवेक्षक मान रहे हैं कि सीट बंटवारे के फैसले से ही बिहार में विधानसभा चुनाव की दिशा तय होगी।
- दिल्ली में मौजूद प्रत्याशी और विधायक सीटों के फाइनल होने की प्रतीक्षा में हैं।


